नई दिल्ली:– बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में दूरियां बढ़ती नजर आ रही हैं। मौजूदा समय में बांग्लादेश के अधिकारी चीन और पाकिस्तान के साथ अपनी नजदीकियां बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। इन देशों के साथ विभिन्न मुद्दों पर उच्चस्तरीय बैठकों और यात्राओं का सिलसिला तेज हो गया है।
पाकिस्तानी सेना की खुफिया एजेंसी आईएसआई के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल असीम मलिक ने हाल ही में बांग्लादेश की यात्रा की, जो दशकों बाद किसी आईएसआई प्रमुख का पहली बार ढाका दौरा है। इस यात्रा ने भारत की पूर्वी और पूर्वोत्तर सीमाओं पर नई सुरक्षा चुनौतियों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
गौरतलब है कि यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब बांग्लादेश का एक उच्च स्तरीय रक्षा प्रतिनिधिमंडल हाल ही में पाकिस्तान की यात्रा करके लौटा है। पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच बढ़ते सैन्य और खुफिया सहयोग से भारत की सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
दुबई होते हुए ढाका पहुंचे मलिक
मंगलवार को आईएसआई प्रमुख मलिक के ढाका पहुंचने पर उनका स्वागत बांग्लादेश सेना के वरिष्ठ अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद फैजुर रहमान ने किया। मलिक दुबई के रास्ते ढाका पहुंचे थे। जनरल रहमान को लेकर कहा जाता है कि उनके इस्लामवादी समूहों और पाकिस्तान से कथित संबंध हैं।
भारत में अशांति फैलाने के लिए नेटवर्क बनाने की कोशिश
सूत्रों के अनुसार, मलिक के यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की खुफिया एजेंसियों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए एक नेटवर्क तैयार करना था। यह नेटवर्क सीमा पार हिंसक गतिविधियों के माध्यम से भारत में अशांति फैलाने के प्रयासों को अंजाम दे सकता है। इससे पहले, बांग्लादेश के एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने पाकिस्तान का दौरा किया था, जहां उन्होंने पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल सैयद आसिम मुनीर से मुलाकात की। इस तरह की बैठकों से दोनों देशों के बीच गहरी साजिशों की संभावना जताई जा रही है।
रक्षा संबंधों की नई शुरुआत
बांग्लादेश के सशस्त्र बल के प्रिंसिपल स्टाफ अफसर और सेना में दूसरे नंबर के अधिकारी, लेफ्टिनेंट जनरल कमरुल हसन, कई वर्षों में इस्लामाबाद का दौरा करने वाले पहले शीर्ष बांग्लादेशी जनरल बन गए हैं। यह यात्रा दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों में प्रगति का स्पष्ट संकेत देती है।
पिछले साल अगस्त में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद, दशकों के अंतराल के बाद पाकिस्तान और बांग्लादेश की सेनाओं के बीच इस स्तर की बैठकें फिर से शुरू हुई हैं। अपनी यात्रा के दौरान, जनरल हसन ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल मुनीर और ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष जनरल साहिर शमशाद मिर्जा से अलग-अलग मुलाकात की। यह दौरा दोनों देशों के सैन्य सहयोग को नए स्तर पर ले जाने और पारस्परिक संबंध मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
भारत के लिए बड़े खतरे की घंटी
पाकिस्तान लगातार अपनी सीमा से आतंकवादियों को समर्थन देकर भारत में अशांति फैलाने की कोशिश करता रहा है। अब, बांग्लादेश के साथ उसके बढ़ते सैन्य संबंधों के कारण, भारत को बांग्लादेश सीमा पर भी आतंकी गतिविधियों का सामना करने की आशंका है। विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान, बांग्लादेश के साथ मिलकर भारत के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर सकता है। सीमावर्ती इलाकों में सतर्कता बढ़ाने और आतंकवाद पर नजर रखने की आवश्यकता अब पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है।
