

टीव्ही 36 हिंदुस्तान उप संपादक अंजलि द्विवेदी जन्मोत्स अविस्मरणीय छटा संजोए अनंत आकाश रूपी आशाओं प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण आभाओ को समेटे हवाओ से लिपटकर खुशियों का कारवां ले पुलकित अभिलाषाओं से स्वच्छंद सितारों को शुभकामनाएं देने आकाश से धरती पर उतरी सतरंगी छटा की सौंदर्यमई प्रसन्नता प्राक्कलन करती महफ़िल में खुशियां बिखेरती खुशनुमा बना ममतामई माता “प्रभा” के आंचल तले “अंजलि द्विवेदी उप संपादकद” को आह्लादित करती सुनहरे जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाओं से सराबोर करती रही ।




चारित्रिक निर्माण सजग आशावान माता पिता प्रभा रमागोविंद अग्निहोत्री बाल्यावस्था से ही बालिका की अद्भुतता सर्वस्व भौगिक सुख संसाधनों को त्याग “दीपक” ज्ञान का,आश का,विश्वास का,प्रेम का,शांति का, मुस्कुराहट का,अपनों के साथ का, स्वास्थ्य भाईचारे का,बड़ों के आशीर्वाद दुलार,निस्वार्थ सेवा का दीप के ग्यारह अलौकिक कलाएं स्रवण करा गुणात्मक निर्माण करने अनवरत उम्मीदों के कारवां में हौसलों से सराबोर बुलंदियों को छूने बेकरारी मेहनत से सपनों को पंख देने भाव “विभोर रिच डैड पुअर डैड”की तर्ज पर बताती जिंदगी “बेहतरीन” तब होती जब लोग आपकी वजह से खुश होते हैं पाठ पढ़ाती माता प्रभा बोलतीं हर सुबह कितनी भी प्रतिज्ञाएं लाए हरसाम ढेरों अनुभव देकर जाती है,आशा की एक किरण जीवन में प्रकाश भर जाती,गौरव मान मर्यादा आत्मसम्मान से कीमती कुछ नहीं संसार में सबसे ताकतवर व्यक्ति वही है! जो “धोखा” खाने के बाद भी भलाई करना नहीं छोड़ता!!




शैक्षणिक विकास सर्वोच्च उत्थान हेतु कुदरत का नियम सिखाती वक्त दिखाई नहीं देता पर सीख देता है, भगवान सुख दुख दोनों देते हैं पर माता-पिता सिर्फ सुख ही देते हैं जीवन में सुधार लाने समय की सार्थकता का पाठ पढ़ाते वाणी स्पर्श हौसले संस्कार शिक्षा से विद्वान शिक्षकों गुरुजनों का अनूठा संग्रह ज्ञान होता है इस अवसर पर रमा रमाकान्त दुबे प्रधान संपादक टीव्ही 36 हिंदुस्तान,सह संपादक अखिलेश द्विवेदी,भाई बहन चिर परिचित,इष्टमित्र,शुभचिंतक स्वजन प्रतिष्ठा,प्रारब्ध,उन्नति,दायित्व,ऐश्वर्य,आकर्षण वैभव,नैतिकता ज्ञान प्रसस्थ करते हुए संस्कारवान कर्तव्यनिष्ठ प्रखर प्रतिभा धनी तेजस्वी समाज सेविका अंजली आगंतुक आथितियों के स्वागत अभिनन्दन में अवीभूत हो रही।



मांगलिक गीतों वैदिक मंत्रों परिजनों स्नेही स्वजनों के आशीष से अभिसिंचित देवी-देवताओं धरती गोवंश पूजा अर्चना हवन उपरांत पारिवारिक रीति रिवाज अनुसार सुस्वाद मधुर व्यंजनों फलों को गौ माता को अर्पण कर बचपन से ही संस्कारी उत्सुक आतुर हो संभ्रांत विद्वतजनों से शुभकामनाएं संग्रहित कर “उत्कृष्ट” अनुसरण करते माता पिता के सुदृढ़ प्रेरणा से नित रोचक नवाचार क्षमता विकसित अपेक्षित सुधार लाने अनुग्रहीत हुई।*झिलमिल सितारों का करते कृतज्ञ वन्दन है,पधारे अथिति गणों का सत सत कर रही अभिनंदन है।




टीव्ही 36 इस अद्वितीय अलौकिक जन्मोत्सव परंपरा अनुकरणीय समाज में करने नव पद्धति को बधाई देते हुए संस्कार विकास रक्षण के लिए सार्थक पहल बताया यह परंपरा स्थापित हो जो नशा व्देश मुक्त वातावरण दे। प्रीतिभोज आयोजित कर संपादित किया गया। मिष्ठान केक बाटकर अंजलि द्विवेदी को प्रसूति दिवस पर शुभकामनाएं शुभाशीष प्रदान कर धूमधाम से उत्सव मनाया ।





