कोरबा:- झोलाछाप डॉक्टर के गलत इलाज के 12 साल के बच्चे का पैर सुन्न पड़ गया. बच्चे के माता पिता ने कलेक्टर से इस बात की शिकायत की है. बच्चे के माता पिता का आरोप है कि झोलाछाप डॉक्टर ने बच्चे को गलत इंजेक्शन लगा दिया जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई. बच्चे का पैर इंजेक्शन देने के बाद सुन्न पड़ गया. पीड़ित बच्चे के माता पिता का कहना है कि उनके बच्चे का दोनों पैर काम नहीं कर रहा है. बच्चा पिछले एक महीने से बिस्तर पर पड़ा है.
झोलाछाप डॉक्टर ने दिया गलत इंजेक्शन: बच्चे के परिजन का कहना है कि फरवरी के महीने में बच्चे को इंजेक्शन लगाया गया था. बच्चे की जब तबीयत बाद में खराब हुई तो आरोपी झोलाछाप डॉक्टर ने इलाज का खर्ज उठाने से मना कर दिया. खर्च उठाने से मना करने पर परिजन ने इसकी शिकायत अब कलेक्टर से की है.
बच्चे के दोनों पैर पड़े सुन्न: मामला दीपका के सोमवार बाजार क्षेत्र का है. जहां अशोक कुमार चंद्रा का निवास है. अशोक द्वारा कलेक्टर से की गई शिकायत के मुताबिक उनके पुत्र विकास चंद्रा को बुखार था. इलाज के लिए अशोक अपने पुत्र विकास को लेकर 26 फरवरी को क्षेत्र में रहने वाले झोलाछाप डॉक्टर दिनेश कुमार के क्लिनिक पर पहुंचे थे. दिनेश ने विकास को एक इंजेक्शन लगाया. इसके थोड़ी देर बाद विकास का पैर सुन्न हो गया.
कलेक्टर से शिकायत: पीड़ित बच्चे के माता पिता का कहना है कि उनका बेटा विकास अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो पा रहा था. माता पिता कहना है कि जब बच्चे की हालत के बारे में उन लोगों ने झोलाझाप डॉक्टर को बताया तो उसने कहा कि अभी अभी इंजेक्शन लगा है इसलिए ऐसा हो रहा है. बच्चे को घर लेकर जाएं थोड़ी देर में ठीक हो जाएगा. लेकिन जब बच्चे के पैर में कोई सुधार नहीं आया तब परिजनों ने फिर डॉक्टर से संपर्क किया.
