नई दिल्ली, 23 मार्च। केंद्रीय नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि नागर विमानन क्षेत्र में तेजी से परिवर्तन आने की वजह से रोजगार के अवसर बढे हैं और इससे क्षेत्रीय विकास को बढावा मिल रहा है।
श्री सिंधिया “बजट 2022-23 के लिए नागर विमानन मंत्रालय के नियंत्रणाधीन अनुदान की मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि कहा कि पिछले कुछ सालों में नागर विमानन के क्षेत्र में काफी प्रगति हुई है। यह क्षेत्र तेजी से आiगे बढ रहा है। नागर विमानन क्षेत्र हमारे आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण है। इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी अधिक है। भारत सबसे तेजी से बढने वाली अर्थव्यवस्था है। आने वाले में विश्व के सबसे बड़े पांचवे अर्थव्यवस्था बनेगा।”
उन्होंने कहा कि जब जब देशवासियों के समक्ष संकट आया है हर बार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सफलतापूर्वक अपने देशवासियों को सुरक्षित वापस लाने का काम किया गया है। इस बार यूक्रेन के अंदर युद्ध का माहौल और 22-23 हजार हमारे बच्चे फंसे थे जिसे प्रधानमंत्री के नेतृत्व क्षमता की वजह से वापस लाने में कामयाबी मिली है। प्रधानमंत्री ने युद्ध के दौरान यूक्रेन और रूस के राष्ट्रपतियों से बात करके भारतीयों को निकालने के लिए कॉरिडोर बनवाया।
यह क्षेत्र जनसेवा से जुड़ा हुआ है। कोविड के दौरान नागर विमानन क्षेत्र बहुत संकट से निकला है। चुनौतियों में अवसर ढूढने की कोशिश की है। आत्मनिर्भर भारत की सोच को सार्थक करने की कोशिश की है। नागर विमान क्षेत्र को कोविड ने बहुत बड़ा घाव दिया लेकिन आत्मविश्वास की वजह से हमने दोबारा से रिवाइवल की आशा है।
2014 तक हमारे देश में 74 हवाई अड्डे बने और पिछले सात सालों में 66 नये हवाई अड्डे बने हैं। इसी के साथ अभी 140 हवाई अड्डे हैं जिसे 2025 तक 220 हवाई अड्डा बनाने का लक्ष्य है। कुशीनगर के हवाई अड्डे को विश्वस्तरीय बनाया जाएगा जिस पर सारे बुद्ध सर्किट के यात्री यहां आयेंगे। उन्होंने कहा कि पटना के दीघा में भी विश्वस्तरीय हवाई अड्डा बनाया जाएगा।
कई सदस्यों ने सवाल उठाये कि हवाई अड्डों को बेचा जा रहा है उनको बताना चाहता हूं कि जो छह हवाई निजी कंपनियों को दिया गया है वह लीज पर दिया गया है। विनिवेश नहीं किया गया है। लीज और विनिवेश में अंतर होता है। कांग्रेस सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वर्ष 2004-2009 के दौरान नागर विमानन के क्षेत्र में आठ हजार पांच सौ करोड़ रुपये का रिकार्ड विनिवेश किया गया। इसी प्रकार 2009-2014 के बीच एक लाख पांच करोड़ रुपये का विनिवेश किया गया।
श्री सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में नागर विमानन क्षेत्र का लोकतांत्रिकरण किया गया। पहले कुछ चुने गये लोग ही हवाई जहाज से यात्रा करते थे लेकिन लोकतांत्रिकरण की वजह आम लोग भी अब हवाई यात्रा कर रहे हैं। अब तक 87 लाख से ज्यादा लोगों ने उड़ान का आनंद लिया है। इस योजना के तहत लगातार आम लोगों को हवाई सफर का मौका दिया जा रहा है और इस क्रम में बड़े स्तर पर उड़ान की सुविधा शुरु की गई है।
सरकार की महत्वाकांक्षी उड़ान योजना के लिए फंड की कोई कमी नहीं है। इसके लिए वित्त मंत्रालय ने भी आश्वस्त किया है कि उड़ान योजना के लिए धन की कमी नहीं की जाएगी।