नई दिल्ली:– रविवार को पारगांव में आयोजित चंद्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज के दो दिवसीय वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जब कोई समाज अपने बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी उठाता है तो नई पीढ़ी अधिक आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ती है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने समाज के लिए सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 50 लाख रुपये तथा परगांव में सीसी सड़क निर्माण के लिए 20 लाख रुपये की घोषणा की।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के दो वर्ष पूर्ण हो चुके हैं और इसकी 25वीं किस्त प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में जारी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
मुख्यमंत्री ने कहा आगे कहा कि चंद्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज का गौरवशाली इतिहास रहा है और इस समाज ने प्रदेश तथा देश को अनेक प्रतिभाएं दी हैं। समाज द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने बताया कि समाज की पहल से वर्तमान में दो हजार से अधिक विद्यार्थियों को शैक्षणिक सहायता प्रदान की जा रही है।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है और गरीब तथा जरूरतमंद परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
होली पर्व के पूर्व किसानों के हित में सरकार द्वारा कृषक उन्नति योजना के तहत 25 लाख 28 हजार किसानों के खातों में 10 हजार 324 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की गई है। इससे किसानों की गरिमा बनी हुई है और छत्तीसगढ़ की पहचान देश के “धान का कटोरा” के रूप में और मजबूत हुई है।मुख्यमंत्री ने बताया कि राम लला दर्शन योजना के माध्यम से पिछले दो वर्षों में 42 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जाकर भगवान श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। वही मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना को भी पुनः प्रारंभ किया गया है, जिससे वरिष्ठ नागरिकों को विभिन्न तीर्थ स्थलों की यात्रा का अवसर मिल रहा है।उन्होंने वर्ष 2026 के राज्य बजट का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें समाज के सभी वर्गों के विकास के लिए प्रावधान किए गए हैं।
इनमें दीपक चंद्राकर (सिविल जज के रूप में चयनित), लक्ष्मी चंद्राकर (लोक सेवा आयोग से वाणिज्यिक कर अधिकारी), डॉ. प्रीति करण चंद्राकर (कंप्यूटर विज्ञान विभागाध्यक्ष, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर), डॉ. करण चंद्राकर (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली से वस्त्र एवं फाइबर अभियांत्रिकी में पीएचडी), कु. लक्ष्मी चंद्राकर (इंडो-नेपाल टेस्ट श्रृंखला में बॉल बैडमिंटन की स्वर्ण पदक विजेता) तथा डॉ. दिव्या चंद्राकर और डॉ. राहुल चंद्राकर (एमबीबीएस, जिला अस्पताल महासमुंद) शामिल रहे।
