कोरबा:–प्रतिसोधात्मक संवेग को सकारात्मक दिशा देने और उत्कृष्ट कार्य प्रदर्शन हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा द्वारा आयोजित किया गया विशेष एक दिवसीय प्रशिक्षण

कुमारी डिंपल सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा के नेतृत्व मार्गदर्शन में पैरालीगल वॉलिंटियर्स के लिए एकदिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया जिसका उद्देश्य था “संवेगात्मक प्रतिशोध को रचनात्मक संवेदना में परिवर्तित कर समाज हित में कार्य कुशलता को निखारना”

प्रशिक्षण सत्र में विशेषज्ञ वक्ताओं ने बताया कि पैरालीगल वॉलिंटियर्स न्याय की जमीनी कड़ी है ,जो पीड़ितों तक विधिक सहायता पहुंचाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। ऐसे में उनके भीतर उठने वाले संवेगों को संयम और समझदारी से दिशा देना अत्यंत आवश्यक है।

सचिव कुमारी डिंपल ने मुख्य वक्ता के रूप में वॉलिंटियर्स को उचित मार्गदर्शन समझाइश देते हुए अवगत कराया–
“अन्तर्द्वन्द से प्रतिशोध तक, मनुष्य के भीतर की लड़ाई –प्रतिसोत्मक संवेग: शक्ति का भ्रम ,शांति का विनाशक होता है”
सत्र में भावनात्मक बुद्धिमत्ता, संवाद कौशल, सेवा दृष्टि, और कार्य में उत्कृष्टता जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा उपरांत मार्गदर्शन दिया गया वक्ताओं ने कहा--
"प्रतिशोध की जगह जब संवेदना और सेवा हृदय में बरसती है तभी न्याय का असली रूप समाज तक पहुंचता है"।
*"संवेग से सेवा की ओर-- यही न्याय की सच्ची यात्रा है"*
