भोपाल:- ऐसे तो शिवराज सिंह चौहान ने मतगणना के बाद आए परिणाम के कुछ दिन बाद मध्य प्रदेश के सीएम की कुर्सी से त्यागपत्र दे दिया। पर इस बात का अहसास उनको मतगणना के पूर्व ही हो चुका था। विश्वास नहीं होता तो परिणाम आने के पूर्व शिवराज सिंह चौहान के भाषण के अंश से इस भाव को समझिए.
शिवराज का पद त्याग भाव
शिवराज सिंह चौहान ने एक जनसभा को संबोधित करते कहा मामा और भैया से बड़ा कोई पद नहीं है। मेरे भांजे-भांजियों, मुझे लगता है हर एक को कैसे मैं सीने से लगाऊं। माथा चूमूं। उनको प्यार करूं और उनकी ज़िंदगी कैसे बेहतर बना पाऊं। 24 घंटे केवल एक ही सोच दिमाग़ में रहती है। ये अपना परिवार है। मामा और भैया का जो पद है, वो दुनिया में किसी भी पद से बड़ा पद है। इससे बड़ा पद कोई नहीं है।
राघोगढ़ की जनसभा में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का यह बयान तो चीख चीख कर कह रहा था कि चौहान अपने विदाई समारोह को संबोधित कर रहे हैं।
नया आवास भी कह रहा था यही कहानी
किस्सा यह है कि भोपाल के ’74 बंगला स्थान में एक बंगला ऐसा है, जिस पर ‘शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश’ लिखा था। वह भी तब जब मुख्यमंत्री का आधिकारिक आवास ‘श्यामला हिल्स’ पर है। परिणाम आने के पहले देखा गया कि इस बंगले को हरी चादर से ढका गया था। ऐसा लग रहा था कि इन दोनों बंगलों में निर्माण का कार्य चल रहा था। यह बंगला किसी विधायक को आवंटित है, लेकिन जिस दिन चुनाव परिणाम आए उस दिन बंगले को ढकने वाली हरी चादर हट गयी। तब पता चला कि दोनों बंगलों को मिलाकर एक बंगला बन गया है। बाहर बोर्ड पर ‘शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश’ ही लिखा हुआ है। उस समय से ही यह कहा जाने लगा कि यह शायद शिवराज सिंह चौहान का नया आवास होने जा रहा है।
