तेज प्रताप यादव ने अपने ट्वीट में एक समय के मशहूर संत देवरहा बाबा की तस्वीर के साथ अपनी भी तस्वीर शेयर की और उस पर लिखा-ये हैं वास्तविक बाबा, देवरहा बाबा के आशीर्वाद से ही उनका जन्म हुआ था. मेरे पिता अक्सर उनके दर्शन करने जाते थे.कौन थे देवरहा बाबा?ऐसा माना जाता है कि देवरहा बाबा का जन्म उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में हुआ था. लेकिन किस वर्ष, ये किसी को नहीं मालूम है. यहां तक कि उन्होंने कितने साल का जीवन जीया, ये भी किसी को नहीं पता.
उन्हें देखने वाले कहते थे उनको जब से देखा, तब से एक ही रूप में देखा. इससे उनकी उम्र का अंदाजा लगाना मुश्किल था.हालांकि तमाम लोगों का ये भी मानना था कि देवरहा बाबा ने करीब सौ साल से अधिक का जीवन जीया. देवरहा बाबा लकड़ी के लट्ठों से बने मचान पर रहते थे. वही उनका बसेरा था. जोकि सरयू नदी के तट से 3 किलोमीटर दूर था. वास्तव में वह वृंदावन के एक साधु थे. लोगों का मानना था कि उसके पास चमत्कारी शक्तियां थीं. वह पक्षियों और पशुओं से भी बातें करते थे और पानी पर भी चल सकते थे.उनसे मिलने आने वालों में सभी जाति, धर्म के लोग होते थे.
उन्होंने कभी भी अपने भक्तों को समुदायों और जातियों में नहीं बांटा. लोग उनका आशीर्वाद लेने के लिए दूर दूर से आते थे और घंटों इंतजार करते थे. सबसे खास बात ये कि वे अपने भक्तों को अपने चरणों से आशीर्वाद देते थे. जून 1990 में उनका निधन हो गया था.देवरहा बाबा के दरबार में तमाम सियासी दिग्गज भी जाते थे.
देश के प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद से लेकर प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू तक उनमें गहरी आस्था थी. वहीं यूपी के पूूर्व सीएम मुलायम सिंह यादव के अलावा बिहार के पूर्व सीएम जगन्नाथ मिश्रा और लालू प्रसाद यादव भी उनसे आशीर्वाद लेने आते थे.इनके अलावा पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी भी एक बार उनसे आशीर्वाद लेने जा चुकी हैं. ये वाकया तब का है जब सन् 1977 के चुनावों में इंदिरा गांधी को हार का सामना करना पड़ा था. बाबा सबके सिर पर अपने चरण रखकर आशीर्वाद देते थे लेकिन उन्होंने इंदिरा गांधी को पंजा उठाकर आशीर्वाद दिया था