
टीवी 36 हिन्दुस्तान जांजगीर चांपा: शशिभूषण सोनी की रिपोर्ट
जांजगीर चांपा: जिला शिक्षा अधिकारी नवीन प्राथमिक शाला बनारी में शिक्षकों छात्रों के बीच उपस्थित होकर बच्चों की पढ़ाई का निरीक्षण कर क्लास में बच्चों को खुद पढ़ाते हुए बच्चों को चॉकलेट खिलाई ।
डीईओ मैडम ने कहा कि शिक्षक अगर अपने विद्यालय के बच्चों में अपने बच्चे की छवि देख कर अध्ययन अध्यापन करायें एवं लगन से पुरानी इमला पद्धति, स्लोगन, गीत , पहाड़ा, चित्र , ग्राफ , उपकरण पद्धति,खेल-खेल में पढ़ाई के माध्यम से प्राथमिक स्तर के छोटे-छोटे बच्चों को समुचित मार्गदर्शन दिया जाए तो बच्चे निश्चित रूप से नवाचार के माध्यम सफल होंगे ।शिक्षक एक कुम्हार की भांति हैं वह बच्चों को जैसा बनना चाहते हैं, जो स्वरूप देना चाहते हैं बच्चे वैसे ही स्वरूप व आकार प्राप्त करेंगे । यदि सभी शिक्षक सत्य निष्ठा एवं अपने कर्तव्यों का सही निर्वहन करें तो शिक्षा के क्षेत्र में जिले को प्रथम स्थान प्राप्त करने से कोई रोक नहीं पाएंगे । मैं शिक्षा के सुधार के लिए आप सभी को हर संभव मदद करना चाहती हूं जिले के सभी प्रधान पाठकों, शिक्षकों को विद्यालयीन शिक्षा वातावरण, गुणवत्ता, साफ-सफाई, वृक्षारोपण एवं विद्यालय कक्ष के रंग रोगन, चित्रकारी आदि पर विशेष ध्यान रखें,तो बच्चे अच्छे वातावरण में पढ़ाई कर सकेंगे और उनका मानसिक शारीरिक बौद्धिक एवं सर्वांगीण विकास हो पाएगा । मैं आज नवीन प्राथमिक शाला: बनारी के बच्चों एवं शिक्षकों से मिलकर अत्यंत प्रभावित हूं उन्हें लगन कठिन परिश्रम के लिए बधाई देती हूं कि ऐसे ही स्कूल के विद्यार्थियो को अपना संतान मानकर उनके शिक्षा के स्तर को सुधारने में अपना हर संभव प्रयास करें।
