नई दिल्ली:– आजकल की भागदौड़ भरी दुनिया में सांस फूलना आपकी सेहत के लिए बहुत जोखिम भरा हो सकता है। कई बार लोग इसे थकान या उम्र का हवाला देकर इग्नोर कर देते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि थोड़ी दूर चलने या सीढ़ियां चढ़ने मात्र से ही आपकी सांसें क्यों फूलने लग जाती हैं? यह किसी बीमारी का संकेत हो सकता है।
Heart Problems
अगर दिल ठीक से खून पंप नहीं कर पा रहा है, तो शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती, जिससे सांस फूलने लगती है। हार्ट फेल्योर, कोरोनरी आर्टरी डिजीज और हार्ट वाल्व की समस्या इसके पीछे के कारण हो सकते हैं।
फेफड़े ऑक्सीजन लेने और कार्बन डाइऑक्साइड बाहर निकालने का काम करते हैं। इनमें किसी भी तरह की समस्या सांस फूलने (Breathing problem) का कारण बन सकती है, जैसे अस्थमा (Asthma), क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) और फेफड़ों में इन्फेक्शन या निमोनिया इसके पीछे के कारण हो सकते हैं। सांस फूलना, खांसी, सीने में जकड़न या घरघराहट फेफड़ों की बीमारी का संकेत हो सकता है।
Anaemia (खून की कमी)
जब शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी हो जाती है, तो ऑक्सीजन सही तरीके से शरीर के अंगों तक नहीं पहुंच पाती। इसका सीधा असर सांस पर पड़ता है और थकान, चक्कर आना, सांस फूलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं
मोटापा)
अधिक वजन होने पर शरीर को ज्यादा ऑक्सीजन की जरूरत होती है। साथ ही, छाती और फेफड़ों पर दबाव बढ़ जाता है, जिससे सांस लेना मुश्किल हो जाता है।
Thyroid
थायरॉयड हार्मोन मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करता है, जिससे सांस फूलने लगती है।
