नई दिल्ली:– हिंदू धर्म में किसी ना किसी चीज का महत्व होता हैं इसमें भगवान श्रीकृष्ण के पाञ्चजन्य शंख का विशेष महत्व है। इसे भगवान के सबसे पवित्र और प्रमुख अस्त्रों में एक माना जाता है। इसे अगर आप घर में स्थापित करते हैं तो इसके लाभ आपको मिलते है। माना जाता हैं कि, पाञ्चजन्य शंख विजय, शक्ति और धर्म का प्रतीक है। चलिए जानते हैं इसके बारे में और स्थापित करने के नियम भी।
पौराणिक कथा में पाञ्चजन्य शंख का महत्व
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस पाञ्चजन्य शंख को भगवान श्रीकृष्ण ने दानव पांचजन्य को मारकर प्राप्त किया था, इसलिए इसका नाम पाञ्चजन्य पड़ा। वहीं पर महाभारत काल के दौरान युद्ध के समय पर भगवान श्रीकृष्ण ने इस शंख को बजाकर अपने सैनिकों का मनोबल बढ़ाया था और शत्रुओं को भयभीत किया था।
धार्मिक अनुष्ठानों में होता हैं प्रयोग
आपको बताते चलें कि, पाञ्चजन्य शंख को विजय, शक्ति और धर्म का प्रतीक माना जाता है तो यह सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक भी हैं अब ऐसे में पाञ्चजन्य शंख को घर में रखा जा सकता है। इसे घर में रखने के नियम होते हैं जो इस प्रकार है।
इस शंख को घर में पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखना चाहिए माना जाता हैं वास्तु के अनुसार ऐसा करने से सारे वास्तु दोषों से छुटकारा मिलता है। इस दिन उत्तम फलों की प्राप्ति हो सकती है। इसलिए अगर आप घर में पाञ्चजन्य शंख को रख रहे हैं, तो विधिवत रूप से पूजा-पाठ करने के बाद ही रखें।
आर्थिक तंगी से मिलता हैं छुटकारा
वास्तु शास्त्र के अनुसार, इस पाञ्चजन्य शंख को अगर आप नियमों के मुताबिक घर में रखते हैं तो, घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता हैं वहीं पर परिवार में आ रही परेशानियों का हल भी होता है। इसे घर में रखने से भगवान श्रीकृष्ण और माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। इसके अलावा आर्थिक तंगी से छुटकारा दिलाने का काम इस पाञ्चजन्य शंख से पूरा होता है। इस खास पाञ्चजन्य शंख को घर में रख रहे हैं, तो उसकी विधिवत पूजा करने के बाद ही रखें।
इस शंख की महत्ता इतनी खास हैं कि, पूजा के दौरान इसे बजाना शुभ माना जाता है।
