
रात में ताजमहल को ‘रोशन’ करने का प्रस्ताव एएसआई ने किया खारिज, यह प्रोजेक्ट मंजूरन्यूज डेस्क, आगरा ताजमहल को रात में कृत्रिम प्रकाश से रोशन करने के प्रस्ताव को फिर से नकार दिया गया है। देश के अन्य स्मारकों की तर्ज पर ताजमहल को भी रात में एलईडी की रोशनी में जगमगाने के प्रस्ताव को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने खारिज कर दिया है, लेकिन वो ताजमहल के अंदर पर्यटकों की सुविधा के लिए इंटरप्रिटेशन सेंटर बनाने पर राजी है। इसके लिए संयुक्त महानिदेशक नौबतखाना का दौरा भी कर चुके हैं।संस्कृति मंत्रालय ने एनबीसीसी और वाप्कोस कंपनियों को देश के 25 स्मारकों को लाइटिंग करने, इंटरप्रिटेशन सेंटर बनाने का प्रस्ताव दिया था।
इसमें आगरा के चार स्मारक ताजमहल, आगरा किला, फतेहपुर सीकरी और अकबर का मकबरा शामिल है। इनमें से ताजमहल पर लाइटिंग के प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया है। आगरा किला, फतेहपुर सीकरी और अकबर का मकबरा पर लाइटिंग पूर्व में एडीए द्वारा कराई गई थी, जो अब कई जगह बंद हो चुकी है। यहां नए सिरे से एलईडी और फोकस लाइटिंग करके स्मारकों को रात में जगमगाया जाएगा।नौबतखाना में बनेगा इंटरप्रिटेशन सेंटर
ताजमहल परिसर के अंदर ताज म्यूजियम के ठीक सामने नौबतखाना की इमारत में इंटरप्रिटेशन सेंटर बनाने की कवायद की जाएगी। पूर्व में ताज के पास उद्यान शाखा की इमारत और गोशाला में इंटरप्रिटेशन सेंटर बनाने का प्रस्ताव था, लेकिन इस पर काम ही नहीं हुआ।
हाल में ही नए प्रस्ताव के बाद ताजमहल का निरीक्षण करने के लिए संयुक्त महानिदेशक जाह्वीज शर्मा आगरा आए थे, जिन्होंने नौबतखाना का निरीक्षण किया। संभावना है कि नौबतखाना को ही इंटरप्रिटेशन सेंटर बनाने के लिए हरी झंडी मिल जाएगी। फतेहपुर सीकरी में गुलिस्तां पार्किंग में इंटरप्रिटेशन सेंटर बनाने की कवायद की जाएगी, वहीं अकबर का मकबरा सिकंदरा में अस्थाई शेड लगाकर पार्किंग के पास ही सेंटर बनाया जा सकता है।