नई दिल्ली:– यह प्यारा त्योहार भाई-बहन के प्यार के बीच अटूट प्रेम का प्रतीक होता है। रक्षाबंधन का महत्व पौराणिक काल से अब तक हैं इस दिन की परंपरा को बड़े ही नियमों के साथ मनाया जाता है। रक्षाबंधन पर बहन भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधती है, जिसे राखी कहते हैं. बहन से राखी बंधवाकर भाई यह प्रतिज्ञा लेता है कि वह जीवनभर हर कठिन से कठिन परिस्थिति में बहन की रक्षा करेगा।
क्यों राखी बंधवाते हुए रखते हैं नारियल
रक्षाबंधन को लेकर कई मान्यताएं और परंपराएं प्राचीन काल से प्रचलित हो रही हैं जिनका वर्णन रामायण और महाभारत के समय के दौरान से मिलता है। इन परंपराओं का पालन करने से भाई-बहन के बीच का रिश्ता अटूट बनता हैं। क्या आपने सोचा हैं आखिर राखी बंधवाते समय नारियल क्यों रखना चाहिए।
इसे लेकर मान्यता हैं कि, भाई को खाली हाथ राखी नहीं बंधवानी चाहिए. राखी बंधवाते समय उसका हाथ हरा-भरा रहना चाहिए, जिससे की भाई के हाथ में सदैव मां लक्ष्मी का वास रहे. इसलिए आज भी इस नारियल रखने की मान्यता का पालन किया जाता है।लेकिन इस दौरान गीले नारियल को रखना चाहिए सूखा नारियल सही नहीं होता है और मिठाई रखना भी नहीं। नियमों का पालन करने से भाई की तरक्की होगी और उसके बाद धन की कमी नहीं रहती है।
जानिए नारियल ऱखने के यह विशेष नियम
राखी बंधवाने के दौरान भाई-बहन को इन विशेष नियमों का पालन करना चाहिए, जो बेहद जरूरी होते है।
अगर आप 2-3 भाईयों को राखी बांध रहे हैं तो एक ही पानी वाले नारियल या श्रीफल को बारी-बारी से भाईयों के हाथ में रख सकते हैं या फिर अलग-अलग भी उन्हें हाथ में दे सकते हैं।
अगर भाई विवाहित है और आप भाई-भाभी को एक साथ राखी बांध रही हैं तो भाई के हाथ में पानी वाला नारियल रखें और भाभी की गोद में सूखा नारियल कहा जाता हैं इससे भाभी की झोली भरी रहती है।
राखी बंधवाने के दौरान नारियल न हो तो कुछ रुपये रखकर भी राखी बांध सकते हैं लेकिन फल या मिठाई जैसी चीजें भाई के हाथ में भूूलकर भी रखना चाहिए।
राखी बंधवाने के बाद भाईयों को श्रीफल बहन को वापिस कर देना चाहिए. इसे अपने पास नहीं रखें।
राखी वाले दिन भाईयों को अपनी बहन से कुछ लेना नहीं चाहिए, बल्कि राखी बंधवाने के बाद उन्हें उपहार या नेग देना चाहिए।
बहन भाई की कलाई पर राखी बांधते समय उसमें तीन गांठ लगाए।
राखी बंधवाते समय भाई का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए।
