: पूरा उत्तर भारत शीतलहर और घने कोहरे की चपेट में है. घने कोहरे के चलते सड़क यात्रायात के साथ ही ट्रेनों पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है. इसका बुरा प्रभाव रेलवे सेवाओं पर भी पड़ रहा है.एएनआई के अनुसार, 20 जनवरी को घने कोहरे के कारण देश के विभिन्न हिस्सों से दिल्ली आने वाली 11 ट्रेनें देरी से चल रही हैं. घने कोहरे के चतले ट्रेनों पर तो असर पड़ ही रहा है. वहीं हवाई यातायात पर भी असर पड़ा है. दिल्ली आने जाने वाली कई विमाने अपने समय सेस कुछ देरी से चल रही है. क्योंकि राजधानी में पूरी तरफ से घना कोहरे ने आसमान को ढक दिया है.समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, इससे पहले घने कोहरे के कारण दृश्यता (विजिबिलिटी) कम होने के कारण दिल्ली हवाई अड्डे पर कई फ्लाइट्स भी प्रभावित हुईं.
उत्तर और पूर्वोत्तर भारत में सुबह-सुबह कोहरे के मौसम ने पिछले दो सप्ताह में सड़क, रेल और हवाई यातायात को भारी प्रभावित किया है. सोमवार को दिल्ली हवाईअड्डे पर पांच फ्लाइट्स डायवर्ट की गईं और 100 से अधिक फ्लाइट्स लेट हुईं.मंगलवार की रात घने कोहरे के कारण कई स्थानों पर दृश्यता का स्तर कम हो गया, आईएमडी ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और वाहन चलाते समय सावधानी बरतने की सलाह दी. मौसम विभाग ने यह भी कहा कि अगले पांच दिनों तक उत्तर भारत में घने से बहुत घने कोहरे की स्थिति बनी रहने की संभावना है.वहीं बुधवार को पंजाब और हरियाणा में शीतलहर की स्थिति जारी रही और दोनों राज्यों के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य स्तर से नीचे रहा.
मौसम विभाग की एक रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब के शहीद भगत सिंह नगर जिले के बल्लोवाल सौंखरी में तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.पंजाब के अन्य स्थानों में, अमृतसर में न्यूनतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि लुधियाना और पटियाला में क्रमशः 2.8 और 4.5 डिग्री सेल्सियस पर शीत लहर की स्थिति देखी गई, जो सामान्य से तीन डिग्री तक कम थी.पड़ोसी राज्य हरियाणा में, करनाल सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3 डिग्री कम था.

