
रायपुर:- यात्रियों के संकट की वजह से पांच शहरों की आठ उड़ानों को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। आरटीपीसीआर के साथ अन्य कड़े नियमों की वजह से लोग अपना सफर टाल रहे हैं। दिसंबर में सात हजार से अधिक हो चुकी यात्रियों की संख्या घटकर तीन हजार हो चुकी है। कोरोना की पहली लहर के दौरान लंबे लॉकडाउन की वजह की वजह से लगभग सभी फ्लाइट ग्राउंड हो चुकी थी और एयरपोर्ट में केवल प्रबंधन के कर्मचारी ही नजर आते थे। धीरे-धीरे संकट टला और दूसरी लहर आ गई। इस दौरान अधिक पाबंदी नहीं होने की वजह से सभी फ्लाइट ग्राउंड तो नहीं हुई मगर यात्रियों की संख्या बेहद कम हो गई। काफी इंतजार के बाद दिवाली के दौरान हवाई यातायात पूरी तरह बहाल हो गया और सप्ताहभर में आवाजाही करने वालों की संख्या पचास हजार तक पहुंच गई थी। दो महीने तक तो व्यवस्था सामान्य रही मगर जनवरी से पुन: हवाई यातायात तीसरी लहर की चपेट में आ गया। आवाजाही करने वालों के लिए लागू सख्ती की वजह से यात्रियों ने इमरजेंसी को छोड़कर सामान्य यात्रा टाल दिया। एयरपोर्ट प्रबंधन से मिली जानकारी के मुताबिक बीते सप्ताह स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट से यात्रा करने वालों की कुल संख्या 17797 रही। जबकि दिसंबर के अंतिम दिनों में करीब 42 हजार लोगों ने अपना सफर पूरा किया था। दो सौ संविदा पदों के लिए उमड़े हजारों दावेदार इन शहरों की उड़ान कम यात्री कम होने की वजह से दिल्ली, हैदराबाद, कोलकाता की 2-2 तथा मुंबई और बैंगलोर की एक-एक उड़ान को पंद्रह दिन के लिए स्थगित किया गया है। सामान्य दिनों में रायपुर से दिल्ली की सर्वाधिक उड़ानों का संचालन किया जाता है। कोलकाता के लिए 4 तथा हैदराबाद के लिए तीन फ्लाइट संचालन होता है। कड़ी जांच भी अभी दूसरे शहर से यात्रा कर रायपुर आने वाले यात्रियों को अपने साथ 72 घंटे पहले का आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट रखना जरुरी है। जांच के दौरान जिनके पास रिपोर्ट नहीं है अथवा उनमें किसी तरह के लक्षण दिखाई देते है तो उनका टेस्ट किया जाता है।
