
स्कूल प्रबंधन की लापरवाही से बच्चे परीक्षा से वंचित,दिनांक:- 30/04/2022 त्रिलोचन चक्रवर्ती कोरिया -छ गढ़ कहते हैं स्कूल में बच्चों का भविष्य बनाया जाता है.. लेकिन जब स्कूल प्रबंधन ही बच्चों के भविष्य बिगाड़ने पर अमादा हो तो फिर क्या कहिएगा…मामला कोरिया जिले के डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल कछौड़ का है.. जहां स्कूल प्रबंधन की लापरवाही से दसवीं कक्षा के आठ बच्चे परीक्षा देने से वंचित हो गए..
ने कहा कि हमें बताया ही नहीं गया कि सप्लीमेंट्री आंनलाइन आवेदन कब भरना है.. अब स्कूल वाले कहते हैं परीक्षा में नहीं बैठ सकते हो…बच्चों के परिजनों का कहना है कि जब हमने प्रिंसिपल से पूछा कि परीक्षा फार्म भरने की जानकारी क्यूं नहीं दी तो अपनी जिम्मेदारी से बचते हुए कह दिया गया कि आपको स्वयं ध्यान देना चाहिए…उक्त मामले में जब छात्र- छात्राओं ने क्षेत्रीय विधायक से मुलाकात कर बताया तो उन्होंने आश्वासन दिया कि कार्रवाई की जाएगी…
वहीं इस मामले में जब हमने प्रिंसिपल से पूछा तब उन्होंने अपनी ग़लती स्वीकार कर बताया कि चूक हो गई है।अब देखना यह है कि इस चूक की सजा बच्चों को ही भुगतना पड़ेगा या फिर स्कूल प्रबंधन पर भी कोई कार्यवाही होगी।बाईट 01- पूजा यादव, छात्राबाईट 02- दिनेश, छात्रबाईट 03- धर्मजीत सिंह, पालकबाईट 04- बृजेश श्रीवास्तव, प्रिंसिपल डीएवी स्कूल