छत्तीसगढ़:– आयुष्मान भारत योजना में अनियमितताएं पकड़े जाने के बाद बांसटाल स्थित श्री गोविंद हॉस्पिटल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। पेट दर्द की शिकायत लेकर पहुंची महिला को हार्निया मरीज बताकर गलत इलाज करने और फर्जी क्लेम लगाने के आरोप में अस्पताल को पूरे एक वर्ष के लिए योजना से निलंबित कर दिया गया है।
गंभीर गड़बड़ियों की लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर अस्पताल द्वारा किए गए लगभग डेढ़ सौ क्लेम की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। विभाग ने अस्पताल को बंद करने की भी सिफारिश की है।
जांच में खुली अनियमितताएँ
नेशनल फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन टीम से मिले इनपुट के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल में जांच की। निरीक्षण के दौरान कई चौंकाने वाले फर्जीवाड़े सामने आए—
सामान्य मरीजों को गंभीर बता कर महंगे पैकेज लागू करना
हार्निया के झूठे उपचार का दावा
क्लेम के साथ जमा की गई फर्जी सोनोग्राफी रिपोर्ट
गलत पैकेज ब्लॉक कर इलाज दिखाना
अस्पताल प्रबंधन इन अनियमितताओं पर संतोषजनक स्पष्टीकरण देने में विफल रहा।
8 अन्य अस्पतालों पर भी कार्रवाई
फर्जीवाड़े के मामलों में वृद्धि को देखते हुए विभाग ने आठ अन्य अस्पतालों को 3-3 महीने के लिए निलंबित कर दिया है। ये अस्पताल हैं—
वरदान हॉस्पिटल, शंकर नगर
जौहरी सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल, भाठागांव
न्यू रायपुरा हॉस्पिटल, महादेवघाट रोड
सौभाग्य हॉस्पिटल, खमतराई
सिद्धि विनायक हॉस्पिटल, उरकुरा
शिवम हॉस्पिटल, कुशालपुर
लक्ष्मी हॉस्पिटल एंड मैटरनिटी होम, आरंग
आयुष्मान योजना पर राष्ट्रीय स्तर की कड़ी निगरानी
आयुष्मान भारत योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय टीमें लगातार अस्पतालों की निगरानी कर रही हैं। इन्हीं रिपोर्टों के आधार पर स्थानीय स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई कर रहा है।
जिला नोडल अधिकारी डॉ. अविनाश चतुर्वेदी ने पुष्टि की कि कई गंभीर अनियमितताएँ मिलीं, जिसके बाद सख्त कदम उठाए गए हैं।
