जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ पवन सिंह वन अमले के साथ मौके पर पहुंच दिलाई सहायता राशि ,सुरक्षा के सभी आवश्यक कदम उठाने दिए निर्देश
कोरबा :– झुंड से बिछड़ा लोनर हाथी को आबादी से दूर रखने में कटघोरा वनमंडल अमले की नाकामी लोगों के लिए काल बन रही है। जटगा वन परिक्षेत्र के ग्राम बिंझरा चंदनपुर में नित्य क्रिया के लिए जा रही महिला का हाथी से सामना;हाथी उसके हाथ उखाड़कर जान ले ली ।हाथी के हमले से क्षेत्र में दूसरी मौत से हड़कम्प मचा हुआ है। ग्रामीणों में दहशत।
मृतका की पहचान हिना निर्मलकर, पति रामकुमार के रूप में हुई है। जानकारी अनुसार,सुबह मीना बाई रोज़ की तरह घर से बाड़ी की ओर नृत्यक्रिया के लिए जा रही थीं। इसी दौरान रास्ते में अचानक जंगली हाथी सामने आ गया और हमला कर दिया। हमले में महिला की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारियों सहित जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ.पवन सिंह तत्काल मौके पहुँचे। दुःखद हादसे पर संवेदना व्यक्त करते हुए 25 हजार रुपए की तत्कालिक सहायता राशि दिलाई।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने वन विभाग को बिंझरा की नजदीक जंगल में मौजूद लोनर हाथी पर निरंतर नजर रखते हुए उसे आबादी से दूर रख झुंड से मिलाने यथोचित प्रबंध करने ग्रामीणों को सतर्क कर शाम उपरांत अकेले न निकलने की हिदायत देने के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में बीते कुछ दिनों से हाथियों की लगातार आवाजाही देखी जा रही थी, लेकिन ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे।
गौरतलब है कि चैतमा क्षेत्र में हुई मौत के 24 घंटे में हाथी के हमले से यह दूसरी जान गई है, जिससे वन्यजीव-मानव संघर्ष गंभीरता और बढ़ गई है। ग्रामीणों में भारी भय का माहौल है और लोग घरों से बाहर निकलने से कतरा रहे हैं।
वन विभाग द्वारा क्षेत्र में अलर्ट जारी करते हुए ग्रामीणों से जंगल और खेतों की ओर अकेले न जाने की अपील की गई है।लगातार हो रही घटनाओं ने एक बार फिर प्रशासन और वन विभाग के सामने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
तो क्या कागजों में बने शौचालय ,स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण पर उठे सवाल ?
बताया जा रहा है कि मृतिका नित्य क्रिया के लिए बाड़ी की ओर गई थी। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत आकांक्षी जिला कोरबा सालों पहले ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त ) बन गया है। लेकिन इस हादसे ने दावों की कलई खोलकर रख दी है । सवाल ये है कि क्या वाकई शत प्रतिशत शौचालय बने हैं,बने भी हैं तो क्या वे वर्तमान में उपयोग के लायक हैं ?यह जनचर्चा का विषय बन गया है कि खानापूर्ति की वजह से दैनिक क्रिया के लिए महिला को बाहर जाना पड़ा और हाथी से सामना होने पर जान गंवानी पड़ी।
