नई दिल्ली:- उत्तराखंड के सरकारी कर्मचारियों अधिकारियों के लिए खुशखबरी है।अब राज्य कर्मचारियों को 300 दिन का उपार्जित अवकाश अर्जित करने के बाद साल भर में एक साथ 31 छुट्टियों का भी लाभ मिलेगा। कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी देने के बाद अब इस संबंध में सचिव वित्त दिलीप जावलकर ने आदेश भी जारी कर दिए है। यह नई शर्तें 1 जनवरी 2024 से लागू होंगी।
अब साल में एक साथ ले सकेंगे उपार्जित अवकाश का लाभ
वर्तमान में प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों को उपार्जित अवकाश दो हिस्सों में मिलते है, इसमें 15 अवकाश एक जनवरी से 30 जून तक और बाकी 16 अवकाश एक जुलाई से 31 दिसंबर तक लेने अनिवार्य होते थे, इसके बाद ये लैप्स हो जाते थे, लेकिन अब राज्य सरकार द्वारा नियम में बदलाव करने के बाद अब कर्मचारियों को साल बार में 31 उपार्जित अवकाश एक साथ मिल सकेंगे।
वित्त विभाग के आदेश के अनुसार, राज्य के सरकारी कर्मचारियों को 300 उपार्जित अवकाश के अलावा अब सालभर के 31 उपार्जित अवकाश एक साथ मिल सकेंगे। सचिवालय संघ ने इस आदेश पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, शासन के अफसरों का आभार जताया। इस आदेश का लाभ प्रदेशभर के सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा।
पिछली कैबिनेट में दी गई थी प्रस्ताव को मंजूरी
गौरतलब है कि बीते दिनों उत्तराखण्ड सचिवालय संघ के प्रतिनिधियों ने सीएम पुष्कर सिंह धामी से भेंट कर उपार्जित अवकाश जमा करने की अधिकतम सीमा में संशोधन समेत कई मांगों को रखा था, जिसके बाद सीएम ने आश्वासन दिया था कि जल्द कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा, वही 85% सचिवालय विशेष भत्ते और महिलाकर्मियों से बाल्य देखभाल अवकाश के दौरान वेतन से 20% कटौती भी नहीं होगी।
इसके बाद पिछली कैबिनेट में इस प्रस्ताव को लाकर मंजूरी दे दी गई। इसके तहत राज्य सरकार के कार्मिक 300 दिन का उपार्जित अवकाश अर्जित करने के पश्चात भी अनुवर्ती वर्ष में 01 जनवरी एवं 01 जुलाई को अर्जित क्रमशः 16 दिन और 15 दिन के उपार्जित अवकाश का संबंधित वर्ष में 31 दिसम्बर तक उपभोग कर सकते हैं।
