नई दिल्ली:– लोकसभा में दो दिन चली चुनाव सुधार पर चर्चा का जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष, खासकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि विपक्ष ने चुनाव आयोग की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट (SIR) को लेकर झूठ फैलाया, जबकि यह मतदाता सूची के शुद्धिकरण की नियमित प्रक्रिया है। शाह ने कहा कि सरकार ने चर्चा से इनकार नहीं किया, बल्कि विपक्ष SIR पर बहस के लिए अड़ा था, जो चुनाव आयोग का विषय है।
घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची में शामिल होने के आरोपों पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि “घुसपैठिए तय नहीं करेंगे कि प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री कौन बनेगा,” और सरकार की 3D पॉलिसी—डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट—को दोहराते हुए कहा कि हर घुसपैठिए को चिन्हित कर बाहर किया जाएगा।
शाह ने कांग्रेस पर “वोट चोरी” का नैरेटिव बनाने का आरोप लगाते हुए इतिहास से तीन उदाहरण गिनाए, इंदिरा गांधी के केस से लेकर चुनाव आयोग पर हुए विवादों तक, और दावा किया कि विपक्ष अपनी हार का ठीकरा EVM पर फोड़ता है जबकि हजारों मशीनों की जांच में एक भी मिसमैच नहीं मिला।
राहुल गांधी के दावों को गलत बताते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष चुनाव आयोग और लोकतांत्रिक संस्थाओं की छवि को नुक़सान पहुंचाने की कोशिश कर रहा है, जबकि एनडीए और विपक्ष दोनों कई राज्यों में चुनाव जीत चुके हैं। शाह ने कहा कि कांग्रेस ने 2014 के बाद चुनाव सुधार पर एक भी सुझाव नहीं दिया और मतदाता सूची को पवित्र बनाने की प्रक्रिया पर ही आपत्ति जता रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री जनादेश से बने हैं, किसी की कृपा से नहीं, और घुसपैठियों के मुद्दे पर सरकार पीछे नहीं हटेगी।
