नई दिल्ली:– आज के डिजिटल युग में YouTube केवल मनोरंजन का साधन नहीं रहा, बल्कि लाखों लोगों के लिए कमाई का मजबूत जरिया बन चुका है। हर नया क्रिएटर एक ही सवाल पूछता है कि आखिर “1 करोड़ व्यूज होने पर YouTube कितना पैसा देता है?” सोशल मीडिया पर इसे लेकर कई तरह के दावे किए जाते हैं, लेकिन हकीकत थोड़ी अलग और समझने लायक है। आइए आसान भाषा में पूरा गणित समझते हैं।
YouTube से पैसे आखिर आते कहां से हैं?
सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि YouTube खुद जेब से पैसे नहीं देता। असली कमाई होती है विज्ञापनों (Ads) के जरिए। जब किसी वीडियो पर विज्ञापन चलता है और दर्शक उसे देखता है या क्लिक करता है, तभी क्रिएटर की कमाई होती है। इसी को Ad Revenue कहा जाता है। इसमें CPM और RPM जैसे शब्द अहम भूमिका निभाते हैं।
CPM और RPM का मतलब समझ लीजिए
CPM का मतलब होता है Cost Per Mille, यानी 1000 व्यूज पर विज्ञापनदाता YouTube को कितना पैसा देता है।
वहीं RPM का मतलब है Revenue Per Mille, यानी 1000 व्यूज पर क्रिएटर के हाथ में असल में कितने रुपये आते हैं।
भारत में CPM आमतौर पर कम होता है, इसलिए यहां क्रिएटर्स की RPM भी अमेरिका या यूरोप के मुकाबले कम रहती है।
1 करोड़ व्यूज पर कितनी कमाई संभव है?
अगर भारत की बात करें, तो औसतन 1 करोड़ व्यूज पर करीब 8 लाख से 25 लाख रुपये तक की कमाई हो सकती है। हालांकि यह कोई फिक्स रकम नहीं है। कुछ चैनल इससे कम कमाते हैं, तो कुछ इससे कहीं ज्यादा। अगर आपका कंटेंट फाइनेंस, टेक्नोलॉजी, बिजनेस या एजुकेशन जैसी हाई वैल्यू कैटेगरी में है, तो आपकी कमाई तेजी से बढ़ सकती है।
किन बातों पर निर्भर करती है YouTube की कमाई?
YouTube की इनकम सिर्फ व्यूज गिनने से तय नहीं होती। इसमें कई फैक्टर काम करते हैं:
वीडियो की लंबाई
दर्शकों की लोकेशन
वीडियो पर दिखने वाले विज्ञापनों की संख्या
लाइक, कमेंट और वॉच टाइम जैसे Engagement अगर आपके वीडियो पर विदेशों से ज्यादा व्यूज आते हैं, तो कमाई कई गुना बढ़ सकती है।
सिर्फ AdSense पर न रहें निर्भर
आज के समय में स्मार्ट YouTubers सिर्फ विज्ञापनों पर भरोसा नहीं करते। ब्रांड डील्स, स्पॉन्सरशिप, अफिलिएट मार्केटिंग और चैनल मेंबरशिप से भी मोटी कमाई होती है। कई मामलों में ब्रांड डील्स से मिलने वाला पैसा AdSense से कहीं ज्यादा होता है।
