नई दिल्ली:– दवा लेने के बाद भी बीपी हाई बने रहने की स्थिति को मेडिकल भाषा में अनकंट्रोल्ड या रेसिस्टेंट हाइपरटेंशन के नाम से जाना जाता है। सीके बिड़ला अस्पताल की डॉ. मनीषा अरोड़ा से जानते हैं आखिर दवा
दवा लेने के बावजूद इन 5 कारणों से बढ़ जाता है बीपी
1- बीपी की दवा से जुड़ी ये गलतियां
-दवा लेने के बावजूद बीपी बढ़ने का सबसे पहला कारण दवाओं को सही तरह से न लेना है।
-बीपी की डोज मिस करना
-रोज एक ही समय पर दवा न लेना
-BP थोड़ा कम होते ही दवा बंद कर देना
कुछ लोगों को बीपी कंट्रोल रखने के लिए दवाओं का कॉम्बिनेशन या अलग दवा लेने की जरूरत होती है, लेकिन वो एक ही दवा ले रहे होते हैं।
2- लाइफस्टाइल से जुड़ी गलतियां
-अधिक नमक (अचार, स्नैक्स, पैकेज्ड फूड) का सेवन
-शराब, स्मोकिंग
स्ट्रेस, कम नींद
-एक्सरसाइज की कमी
-कॉफी या कुछ हर्बल सप्लीमेंट का अधिक सेवन
3- तापमान कम होने पर
-रिसर्च में पाया गया है कि सर्दियों में BP कंट्रोल रेट 5 प्रतिशत कम हो जाता है। यही वजह है कि सर्दियों में बीपी को रेगुलर मॉनिटर करना जरूरी होता है।
-सर्दियों के मौसम में डॉक्टर की सलाह पर जरूरत महसूस होने पर दवा की डोज बदली जा सकती है।
-सर्दी में वर्कआउट कम हो जाता है। ऐसे में बीपी कंट्रोल रखने के लिए आलस छोड़े और थोड़ी देर एक्सरसाइज और वजन कंट्रोल पर ध्यान जरूर दें।
4- किसी दूसरी बीमारी के कारण
-किडनी की बीमारी
-थायरॉइड की दिक्कत
-एड्रिनल ग्लैंड समस्या
-स्लीप एपनिया
-आर्टरी का संकरा होना
5- कुछ दवाएं बीपी का असर कम कर सकती हैं
-पेनकिलर (NSAIDs)
-स्टेरॉयड
-कुछ एंटी-डिप्रेसेंट
-गर्भनिरोधक गोलियां
-सर्दी-जुकाम की OTC दवाएं
बीपी कंट्रोल रखने के लिए अपनाएं ये उपाय-
डॉक्टर बीपी कंट्रोल रखने के लिए किडनी टेस्ट, थायरॉइड, लिपिड प्रोफाइल, ECG, स्लीप स्टडी जैसी जांच करवाने की सलाह दे सकते हैं। घर पर बीपी मॉनिटर करने का सबसे अच्छा फायदा यह है कि कई लोगों का बीपी डॉक्टर के सामने घबराहट में बढ़ जाता है (White Coat Hypertension)। इसके अलावा बीपी कंट्रोल करने के लिए दवा के साथ लाइफस्टाइल में भी बदलाव जरूरी है। जिसमें आप नमक का कम सेवन, वजन कंट्रोल, शराब और स्मोकिंग से बचाव, योग और मेडिटेशन की मदद ले सकते हैं।
डॉक्टर की सलाह- अगर दवा के बाद भी बीपी हाई बना रहता है, तो दवा गलत नहीं बल्कि कई बार ये कारण भी जिम्मेदार हो सकते हैं। डॉक्टर की सलाह और सही लाइफस्टाइल का चुनाव बीपी कंट्रोल में मदद कर सकता है।
