नई दिल्ली:– अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने अब हिंसक संघर्ष का रूप ले लिया है। रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि एक अमेरिकी हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई और अन्य उच्च नेतृत्व का सफाया कर दिया गया है, जिसकी पुष्टि ईरानी मीडिया ने भी की। इस घटना के बाद दुनियाभर के शिया मुसलमानों ने अमेरिकी हमलों की आलोचना की और इसे अत्यधिक हिंसक बताया।
भारत ने इस तनाव पर तुरंत प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने और तनाव को बढ़ने से रोकने की अपील की है। भारत ने एक बयान जारी कर कहा कि सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए। इसके अलावा, भारत ने शांति स्थापित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय कूटनीति को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। भारत ने युद्ध को टालने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की।
भारत ने मध्य पूर्व की स्थिती पर चिंता जताई
भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरान और खाड़ी क्षेत्र में हाल के घटनाक्रमों से भारत चिंतित है। मंत्रालय ने सभी देशों से संयम बरतने, तनाव बढ़ने से बचने और आम नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात की। उन्होंने यह भी कहा कि तनाव कम करने और अंदरूनी मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत और कूटनीति को आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
जयशंकर ने की विदेश मंत्रियों से बात
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस दौरान ईरान और इजरायल के विदेश मंत्रियों से बातचीत की। एक ट्वीट में उन्होंने बताया कि उन्होंने इजरायली विदेश मंत्री गीडोन सार से बात की और तनाव कम करने के लिए बातचीत और कूटनीति के महत्व को रेखांकित किया। इसके बाद, उन्होंने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से भी बातचीत की और ईरान में जारी घटनाक्रमों पर भारत की गहरी चिंता व्यक्त की।
इसके अलावा, भारत के ईरान में स्थित दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए एक परामर्श जारी किया, जिसमें उन्हें अत्यधिक सावधानी बरतने, अनावश्यक यात्रा से बचने और जहां तक संभव हो, घर के अंदर रहने की सलाह दी गई। इजरायल में भी भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
