नई दिल्ली:– भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने दिसंबर 2025 में हुई व्यापक उड़ान रद्दीकरण की घटना से प्रभावित लाखों यात्रियों को राहत प्रदान करने के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों के कारण उत्पन्न संकट के बीच कंपनी ने पुष्टि की है कि प्रभावित यात्रियों को सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार 5,000 से 10,000 रुपये तक का मुआवजा दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, इंडिगो ने एक विशेष उपाय के तहत हर योग्य यात्री को 10,000 रुपये मूल्य का ट्रैवल वाउचर भी प्रदान करने का वादा किया है, जो भविष्य की यात्राओं के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा।
यह घोषणा उस समय आई है जब इंडिगो का संचालन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है। कंपनी के प्रवक्ता ने बताया, “हमारे यात्रियों को हुई असुविधा के लिए गहरा खेद है। यह मुआवजा मौजूदा सरकारी नियमों के अनुरूप है, जिसमें उड़ान रद्द होने के 24 घंटे से कम समय पहले सूचना मिलने पर 5,000 से 10,000 रुपये तक का भुगतान शामिल है। ऊपर से, हम अतिरिक्त 10,000 रुपये के ट्रैवल वाउचर के साथ यात्रियों को तत्काल राहत दे रहे हैं, ताकि वे जल्द ही इंडिगो के साथ फिर से यात्रा कर सकें।”
दिसंबर 2025 की शुरुआत में इंडिगो को अभूतपूर्व संकट का सामना करना पड़ा, जब नए FDTL नियमों के प्रभावी होने के कारण पायलटों की कमी और क्रू शेड्यूलिंग की समस्या से 3, 4 और 5 दिसंबर को हजारों उड़ानें रद्द हो गईं। यह संकट 2 दिसंबर से शुरू हुआ और 5 दिसंबर को चरम पर पहुंचा, जब 1,600 से अधिक उड़ानें प्रभावित हुईं। ये नियम, जो जनवरी 2024 में अधिसूचित हुए थे, पायलटों की थकान कम करने के लिए लाए गए थे – इसमें साप्ताहिक आराम 36 से बढ़ाकर 48 घंटे कर दिया गया, रात्रिकालीन उड़ानों की संख्या सीमित की गई और उड़ान अवधि पर सख्त पाबंदी लगाई गई।
इंडिगो ने पहले इन नियमों का विरोध किया था और उनका क्रियान्वयन जुलाई 2025 से नवंबर 2025 तक चरणबद्ध तरीके से किया गया। लेकिन कंपनी की तैयारी में कमी के कारण यह संकट पैदा हुआ। विकिपीडिया के अनुसार, यह भारतीय विमानन इतिहास की सबसे बड़ी व्यवधान वाली घटना थी, जिसमें इंडिगो ने 91 नए विमानों के लिए केवल 1,247 पायलट जोड़े, जबकि अन्य एयरलाइंस ने बेहतर प्रदर्शन किया।
यात्रियों को मिल रही राहत: रिफंड और मुआवजा
- रिफंड स्थिति: अब तक 827 करोड़ रुपये के रिफंड जारी हो चुके हैं, और 4,500 से अधिक बैग यात्रियों तक पहुंचा दिए गए हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 8 दिसंबर तक पूर्ण रिफंड का आदेश दिया था।
- मुआवजा: डीजीसीए नियमों के तहत, 24 घंटे से कम सूचना पर रद्द उड़ानों के लिए 5,000-10,000 रुपये। इंडिगो ने अतिरिक्त ट्रैवल वाउचर जोड़कर इसे और आकर्षक बनाया।
- सहायता केंद्र: गुरुग्राम मुख्यालय में डीजीसीए की दो सदस्यीय टीम तैनात है, जो रिफंड, मुआवजा और बैग रिटर्न की निगरानी कर रही है।
सरकार और इंडिगो की प्रतिक्रिया
सिविल एविएशन मंत्री राम मोहन नायडू ने 10 दिसंबर को घोषणा की कि इंडिगो को अपनी उड़ान अनुसूची 10% कम करने का निर्देश दिया गया है। कंपनी के सीईओ पीटर एल्बर्स ने डीजीसीए का दौरा किया और संचालन को 10 दिसंबर तक स्थिर करने का वादा किया। मूडीज ने चेतावनी दी है कि रिफंड, मुआवजा और संभावित जुर्माने से इंडिगो को वित्तीय दबाव झेलना पड़ेगा।
यात्रियों के लिए सलाह
यदि आपका टिकट 3-5 दिसंबर की रद्द उड़ानों से प्रभावित था, तो इंडिगो की वेबसाइट या ऐप पर लॉगिन करके रिफंड/मुआवजा क्लेम करें। ixigo जैसे प्लेटफॉर्म्स ने भी प्रभावित बुकिंग्स पर सुविधा शुल्क का पूर्ण रिफंड देने की घोषणा की है।
यह घटना भारतीय विमानन क्षेत्र में सुरक्षा और योजना की आवश्यकता पर जोर देती है। इंडिगो ने वादा किया है कि 95% नेटवर्क बहाल हो चुका है, और पूर्ण सामान्यता जल्द ही बहाल हो जाएगी।
