नई दिल्ली:- हिन्दू धर्म में आए दिन कई सारे व्रत और पर्व मनाए जाते हैं और इस दौरान पूजा या अन्य धार्मिक अनुष्ठान में भगवान के लिए आसन बिछाया जाता है. इस आसन पर ही प्रतिमा रखी जाती है और फिर देवी-देवताओं की पूजा की जाती है. क्योंकि, आसन को पवित्र माना जाता है और यह मान-सम्मान का प्रतीक है. भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा के अनुसार, जिस आसन पर आप देवी-देवताओं की प्रतिमा स्थापित करते हैं वह हमेशा ऊंचा होना चाहिए. साथ ही यह आसन किसी प्रकार से गंदा नहीं होना चाहिए और ना ही फटा या अधिक पुराना होना चाहिए. इसके अलावा किस धातु से यह बना है इसका भी ध्यान रखना चाहिए. आइए जानते हैं इस खबर में आसन से जुड़ी प्रमुख बातों के बारे में.
किस देवी-देवता के लिए किस धातु का आसन हो?सोना – यदि आप माता लक्ष्मी की पूजा के लिए आसन रख रहे हैं तो सोने की धातु का आसन शुभ माना गया है.
चांदी – इस धातु से बना आसन आप किसी भी देवी-देवताओं की पूजा में स्थापना के लिए उपयोग कर सकते हैं.
पीतल – आप किसी भी प्रकार की पूजा कर रहे हों और किसी भी देवी-देवता को स्थापित करना हो तो पीतल से बना आसन भी शुभ माना गया है.तांबा – यदि आप भगवान शिव और भगवान गणेश की पूजा में मूर्ति स्थापना के लिए आसन रख रहे हैं तो यह तांबे को होना चाहिए.
रेशम का आसन
धातु के अलावा आप पूजा के दौरान रेशम का आसन देवी-देवता को स्थापित करने में उपयोग कर सकते हैं. इसे एक शुद्ध और पवित्र वस्त्र माना जाता है और जब देवी या देवता ऐसे आसन पर विराजमान होते हैं तो आपको धन और समृद्धि की प्राप्ति होती है.
कपास का आसन
यह आसन भी देवी-देवताओं की पूजा के लिए उत्तम माना गया है और इसे भी शुद्ध माना गया है. ऐसे में आप पूजा में देवी-देवता की प्रतिमा स्थापित करने के लिए कपास से बने आसन का उपयोग कर सकते हैं.
