नई दिल्ली:– वह जमाना बीत गया जबकि चुनिंदा भारतीयों के पास एलआईसी की एक पॉलिसी होती थी। अब तो एक ही व्यक्ति के पास कई-कई इंश्योरेंस या बीमा पॉलिसीज होती हैं। उनके पास एक-दो लाइफ इंश्योरेंस की तो पॉलिसी होती ही है, एक पॉलिसी हेल्थ इंश्योरेंस की होती है। यदि घर में कोई मोटर-वाहन हों तो एक मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी भी होगी ही। इन सब पॉलिसीज के कागजात संभाल कर रखना कोई हंसी-खेल नहीं है। सबको संभाल कर एक ऐसे जगह रखना पड़ता है, जिसे जब चाहे निकाल कर उसका उपयोग किया जा सके। अब इन कागजातों को संभालना आसान हो जाएगा। इसके लिए बीमा सेंट्रल लॉन्च हो चुका है।
भारत में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का सर्विस पार्टनर और सबसे बड़ा प्लेटफार्म है कंप्यूटर एज मैनेजमेंट सर्विसेस या CAMS. यह पूंजी बाजार के नियामक सेबी के तहत पंजीकृत म्यूचुअल फंड कंपनियों और निवेशकों की रजिस्ट्रार और ट्रांसफर (R&T) एजेंसी है। कसी कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली एक सहायक कंपनी है इसी बीमा रिपोजिटरी ने बीमा पोर्टफोलियो मैनेजमेंट को सरल बनाने के लिए एक क्रांतिकारी वन-स्टॉप प्लेटफॉर्म बीमा सेंट्रल लॉन्च किया है।
कोई भी पॉलिसीधारक जिसने CAMSRep के साथ अपना ई इंश्योरेंस अकाउंट खोला है, उसे विभिन्न बीमाकर्ताओं के साथ अपनी पॉलिसियों के प्रबंधन के लिए बीमा सेंट्रल तक पहुंच मिलेगी। इसमें सरलीकृत पॉलिसी जानकारी, रिन्यूअल और रिमाइंडर, व्यक्तिगत डेटा और नॉमिनी की जानकारी का प्रोफ़ाइल मैनेजमेंट, पॉलिसी कैलेंडर और बहुत कुछ जैसी सुविधाएं होंगी। जो लोग अपना नया ई-बीमा खाता खोलना चाहते हैं, वे केवाईसी पूरा करने के बाद तुरंत बीमा सेंट्रल पर ऐसा कर सकेंगे। वर्तमान इंटरफ़ेस एंड्रॉइड, आईओएस के साथ-साथ वेब पोर्टल पर अंग्रेजी और हिंदी में उपलब्ध है।
