नई दिल्ली; भारत में इस साल 5G सर्विस की शुरुआत होने जा रही है। 5G को लेकर हर नेटवर्क प्रोवाइडर कंपनी तैयारी कर रही है। 5G से पहले ही 6G सर्विस की चर्चा शुरू हो गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि सरकार 6G सर्विस लाने की तैयारी कर रही है और इस दशक के अंत तक इसकी शुरुआत भी हो जाएगी। यानी 2030 से पहले सबके हाथों में 6G निटवर्क होने वाला है। 5G सर्विस को लेकर कई रिपोर्ट्स सामने आ चुकी है।
रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि 29 सितंबर तक भारत में 5G सर्विस की शुरुआत हो जाएगी। जबकि खुद टेलीकॉम मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव खुद साफ कर चुके हैं कि 12 अक्टूबर तक इंस्टॉलेशन के साथ इसकी लॉन्चिंग हो जाएगी। 5G प्लान्स को लेकर लंबे समय से चर्चा बनी हुई है। अश्विनी वैष्णव ने साफ कर दिया है कि इसके प्लान को ग्रामीण और शहरी दोनों ही जगहों को ध्यान में रखकर तय किया जाएगा।
उम्मीद की जा रही है कि जिओ पहले 13 शहरों में इसकी शुरुआत करेगा। रेलायंस जिओं और भारती एयरटेल सबसे पहले 5G सर्विस की शुरुआत करेंगे। सरकार का दावा है कि 5G नेटवर्क की लॉन्चिंग के बाद भारत की इकॉनोमी को USD450 बिलियन की मदद मिलेगी।
दोनों नेटवर्क में सीधा सा अंतर है कि एक 5th जेनरेशन है जबकि दूसरा 6th जेनरेशन है। भारत में अभी 3G और 4G टेलीकॉम नेटवर्क है। उम्मीद की जा रही है कि 5G सर्विस 4G की तुलना में 10X फास्ट होगी। अभी 4G में करीब 50 मिलिसेकेंड की स्पीड मिलती है। जबकि 5G में 1 ms की स्पीड मिलने वाली है। ये नेटवर्क बैंडविथ से ज्यादा ऑफर करता है। अब आप अंदाजा लगा सकते हो कि अगर 6G सर्विस की शुरुआत होती है तो कितनी स्पीड मिलने वाली है