नई दिल्ली: – राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 70 सीटों के लिए हुए विधानसभा चुनाव में आम आदमी को बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा है। दिल्ली में करीब 27 सालों के वनवास को खत्म करते हुए बीजेपी ने 48 सीटें जीतकर 10 साल बाद अरविंद केजरीवाल की पार्टी को सत्ता से उखाड़ फेंका है। आम आदमी पार्टी के लिए यह कितनी बड़ी हार है इसका अंदाजा आप इससे लगा सकते हैं कि पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल, पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सोसोदिया, सौरभ भारद्वाज समेत पार्टी के कई बड़े नेता भी अपनी सीट नहीं बचा सके। उन्हें भी हार मिली।
दिल्ली में आम आदमी पार्टी को मिली इस करारी शिकस्त के बाद अब अरविंद केजरीवाल के सामने पार्टी को टूट से बचाने की बड़ी चुनौती है। दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले ही आम आदमी पार्टी के कई बड़े और छोटे नेताओं ने पार्टी का साथ छोड़ते हुए बीजेपी या कांग्रेस समेत अन्य दलों में शामिल हो गए हैं। इसमें कैलाश गहलोत समेत अन्य नेताओं के नाम शामिल हैं।
दिल्ली की हार से AAP को पंजाब में भी खतरा
दिल्ली की सत्ता में पिछले दस सालों से काबिज आम आदमी पार्टी के लिए यह हार एक बड़ा राजनीतिक चोट के रूप में देखा जा रहा है। सियासी जानकारों का मानना है कि चुनाव से ठिक पहले शराब घोटाले, भ्रष्टाचार जैसे कई संगीन मामलों में बुरी तरह से फंस चुकी आप के सामने भविष्य को लेकर भी खतरा मंडरा रहा है। ऐसी चर्चा है कि राजधानी में सत्ता परिवर्तन होने के बाद आम आदमी पार्टी के और कई नेता बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। इस हार को दिल्ली के अलावा पंजाब के लिए खतरे की घंटी बताई जा रही है। राजनीतिक टिप्पणीकारों की माने तो दिल्ली में आम आदमी पार्टी को मिली हार के बाद पंजाब में पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के मनोबल को एक बड़ा झटका दिया है। इस पूरे मामले को लेकर अब अरविंद केजरीवाल खुद सक्रिय नजर आ रहें हैं। आप संयोजक ने 11 फरवरी को पंजाब के मंत्रियों और विधायकों की बैठक बुलाई है।
पंजाब के सीएम बन सकते हैं अरविंद केजरीवाल!
वहीं, अलग-अलग राजनीतिक चर्चाओं में दिल्ली में आम आदमी पार्टी की हार के बाद पंजाब में राजनीतिक समीकरण बदलने का बात भी कही जा रही है। आप संयोजक अरविंद केजरीवाल के अब पंजाब का मुख्यमंत्री बनने की कोशिश करने की बातें कहीं जा रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पंजाब को मध्यावधि चुनाव के लिए तैयारी करने के लिए भी कमर कसने को कह दिया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि अब जरूरत उन मतदाताओं से फिर से जुड़ने की है, जो आप के साथ चले गए थे। इसमें कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी को सुलझाना तथा राज्य इकाई के भीतर एकता को बढ़ावा देना इसमें शामिल हो सकता है।
कांग्रेस नेता के दावे से सियासी चर्चा तेज
गुरदासपुर से कांग्रेस के सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की हार के बाद आम आदमी पार्टी बिखर जाएगी। पंजाब को मिड-टर्म (मध्यावधि) चुनाव के लिए तैयार रहना चाहिए। रंधावा ने कहा कि आप के 35 विधायक दूसरी पार्टी ज्वांइन करने के लिए तैयार बैठे हैं।
