छत्तीसगढ़ :– प्रथम खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स–2026 की मेजबानी का अवसर मिला है। इस बहुप्रतीक्षित आयोजन का शुभारंभ 14 फरवरी 2026 को रायपुर में किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली में केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया से भेंट कर राज्य को यह जिम्मेदारी सौंपने के लिए केंद्र सरकार के प्रति आभार जताया।
रायपुर में होगा उद्घाटन समारोह
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 का उद्घाटन समारोह 14 फरवरी को रायपुर में आयोजित किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया को उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने का आमंत्रण भी दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ की जनजातीय खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के साथ-साथ पारंपरिक खेलों को नया मंच प्रदान करेगा।
देशभर के आदिवासी खिलाड़ी लेंगे भाग
केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आदिवासी खेलों की परंपरा अत्यंत समृद्ध रही है। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स देश के विभिन्न राज्यों के आदिवासी खिलाड़ियों को एक मंच पर लाने में अहम भूमिका निभाएगा।
उन्होंने बताया कि इन खेलों में पारंपरिक खेलों के साथ-साथ आधुनिक खेल स्पर्धाएं भी आयोजित की जाएंगी।
तीन संभागों में आयोजित होंगी प्रतियोगिताएं
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के अंतर्गत कुल 7 प्रमुख खेलों की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी— एथलेटिक्स, तीरंदाजी, कुश्ती, वेटलिफ्टिंग, हॉकी, फुटबॉल, तैराकी सरगुजा संभाग में कुश्ती, तीरंदाजी और वेटलिफ्टिंग, रायपुर में हॉकी, फुटबॉल और तैराकी, जबकि बिलासपुर में एथलेटिक्स प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इसके अतिरिक्त कुछ खेलों का डेमो प्रदर्शन भी होगा।
खेल और स्वास्थ्य ढांचे को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर ईएसआईसी अस्पतालों के सुदृढ़ीकरण एवं विस्तार के लिए केंद्रीय मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इससे राज्य के श्रमिकों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
साथ ही, खेल मंत्रालय के सहयोग से खेल आधारभूत संरचना, प्रशिक्षण सुविधाओं और खेल संस्कृति को भी मजबूती मिलेगी।
राज्य के लिए गर्व और सम्मान का विषय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पहली बार खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी मिलना छत्तीसगढ़ के लिए गौरव और सम्मान का विषय है। इस आयोजन से न केवल स्थानीय खिलाड़ियों को अवसर मिलेगा, बल्कि पर्यटन, रोजगार और राज्य की सांस्कृतिक पहचान को भी राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
