नई दिल्ली :- अब गेहूं की कटाई हो चुकी है. अब ऐसे में हर किसान के पास एक ही चिंता सता रही है कि आखिरकार वो कैसे गेहूं को अपने घर में ज्यादा समय तक सुरक्षित रख सके. बात अगर कुछ सालों पहले की करें तो यह पूरी प्रक्रिया बिल्कुल अलग होती थी. हाथों से कटाई और बैलों से दवरी कुल मिलाकर यह प्रक्रिया ज्यादा दिनों की होती थी और खेत में ही अनाज पूरी तरह से सूख जाते थे, जो ज्यादा समय तक आराम से सुरक्षित रहते थे.
लेकिन आधुनिक युग में ऐसी कई मशीनें आ गई है, जो तुरंत खेत में ही भूसा और अनाज अलग कर दे रही है और नमी रहते हुए उस अनाज को बोरे में भरकर किसान घर में ले जाकर रखवा देता है, जो कुछ समय बाद या तो सड़ने लगते हैं या कीड़े लग जाते हैं. आइए जानते हैं ऐसे माहौल में अपने अनाज को कैसे सुरक्षित रख सकते हैं, क्या कहते हैं विशेषज्ञ.
मृदा विज्ञान और कृषि रसायन विज्ञान के विभागाध्यक्ष प्रो. अशोक कुमार सिंह ने लोकल 18 से कहा कि हम लोग लगभग 20 सालों से किसानों के हित में शोध और तकनीकी का आदान-प्रदान कर रहे हैं.
खाने-पीने के सामानों को रासायनिक उपाय से दूर ही रखना चाहिए, लेकिन किन्हीं परिस्थितियों में यह उपाय बहुत जरूरी होता है.
एथिलीन डाइब्रोमाइड जिसे ईडीबी के नाम से भी जाना जाता है. यह कपड़े में लिपटा हुआ आता है. ड्रम में एक क्विटंल अनाज के बाद इसको तोड़कर रख देते हैं, और फिर ऊपर से अनाज भर देते हैं.
इस तरह से अगर ड्रम बड़ा है तो क्विटंल के हिसाब से इसको तोड़ कर डालने के बाद ऊपर से अनाज रखते जाए.
घरेलू नुस्खे-
अनाज को ज्यादा समय तक सुरक्षित रखने के लिए घरेलू नुस्खे बहुत कामयाब और शानदार होते हैं. जैसे – नीम की पत्तियों को खूब अच्छी तरह से सुखा लें और उसको गेहूं में मिला करके ड्रम में रखें. इससे गेहूं ज्यादा समय तक सुरक्षित रहेगा.
हम सभी के घरों में लहसुन उपलब्ध रहता है, उसको भी छील करके और गेहूं में डाला जा सकता है. इससे भी गेहूं जल्द खराब और कीड़े नहीं लगते हैं.
हर किचन में पाए जाने वाला हींग को भी गेहूं में रख करके अपने अनाज को ज्यादा समय के लिए सुरक्षित कर सकते हैं.
इसके अलावा आयुर्वेद में एक पारग गोली करके आती है. जिसको गेहूं में डालने से गेहूं ज्यादा दिनों तक टिकता है और स्वच्छ व सुरक्षित रहता है.खास बात
कभी भी अनाज को अच्छे तरीके से सुखा कर ही रखना चाहिए और यह ध्यान रहे कि जहां हम ज्यादा दिनों के लिए अपने अनाज को रख रहे हैं वह जमीन नमी युक्त न हो और अनाज को समय-समय पर देखते रहे।
