मई की शुरुआत में भारत के पूर्वोत्तर स्थित राज्य मणिपुर में दो समुदायों- मैतेई और कूकी के बीच मतभेद इतना बढ़ गया है कि राज्य के मौजूदा हालात भारत और पाकिस्तान बॉर्डर जैसे हो चुके हैं. ये कहना है मणिपुर की राज्यपाल अनुसुइया उइके का. राज्यपाल का कहना है कि इतने बुरे हालात देश के किसी भी हिस्से में नहीं हैं, जैसे हालात मणिपुर में फिलहाल हैं. उन्होंने बताया कि इस तरह की हिंसा का रूप आपने देश में कभी नहीं देखा होगा.
एनडीएमए के एक कार्यक्रम में आपदा मित्रों के संबोधित करते हुए मणिपुर की राज्यपाल ने कहा कि अभी के मौजूदा वक्त में मणिपुर को सबसे अधिक शांति की जरूरत है. उन्होंने कहा कि दोनों समुदायों के बीच में विश्वास की गहरी खाई बन गई है, जिसे पाटना बेहद ही जरूरी है.केंद्र सरकार की हो रही है पहलअनुसुइया उइके ने कहा है कि मणिपुर में भारत और पाकिस्तान बॉर्डर जैसी स्थिति बन गई है. उन्होंने बताया कि पांच हजार लोगों के घर जला दिए गए हैं.
उन्होंने कहा कि इसको लेकर दिल्ली में सभी स्तरों पर बातचीत चल रही है.पहले से शांत हुआ है माहौलमणिपुर की राज्यपाल अनुसुइया उइके ने इस दौरान कहा कि मणिपुर में पहले से हालात बेहतर हुए हैं. हाल के दिनों में हिंसक घटनाएं कम हुई हैं. हिंसा को भड़के 100 दिनों से ज्यादा समय बीत गया है, इसके बाद भी राज्यपाल उइके का कहना है कि उन्हें अभी भी ये पता नहीं है कि सूबे में शांति कब तक आएगी.
उन्होंने बताया कि मैतेई हो या कूकी, दोनों ही समुदायों की हालत काफी खराब है.अलग-अलग वैली में सिमटा समाजदेश के पूर्वोत्तर राज्य के हालात बयां करते हुए राज्यपाल उइके ने बताया कि मौजूदा दौर में कूकी और मैतेई दोनों अलग-अलग हो चुके हैं. दोनों के इलाके बंट गए हैं. कोई एक दूसरे के इलाकों में जाने की स्थिति में नहीं है
