नई दिल्ली:- अमेरिका में चली एक स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. आपके टूथब्रश और शॉवर हेड्स में कई वायरस और बैक्टीरिया ने घर बना रखा है! इनमें से कई तो विज्ञान के लिए एकदम नए हैं. Frontiers in Microbiomes जर्नल में छपी स्टडी में, नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने यह दावा किया है.
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि सारे वायरस और बैक्टीरिया आपके लिए खतरनाक हैं. सतहों को साफ करने के बाद भी बैक्टीरिया और फंगस जैसे सूक्ष्म जीव फिर से पनपने लगते हैं. इसलिए, डॉक्टर और डेंटिस्ट ऐसे सूक्ष्मजीवों को रोकने के लिए नियमित रूप से टूथब्रश बदलने और बाथरूम की सफाई करने की सलाह देते हैं.
वैज्ञानिकों ने अमेरिका के 92 शॉवर हेड्स और 34 टूथब्रश पर स्टडी की. उन्होंने एडवांस्ड DNA तकनीकों की मदद से वायरसों और बैक्टीरिया की पहचान की. स्टडी का नेतृत्व करने वाली, नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी की एरिका हार्टमैन ने कहा कि ‘हमने जितने वायरस पाए हैं, उनकी संख्या बहुत ज्यादा है. हमें कई ऐसे वायरस मिले हैं जिनके बारे में हमें बहुत कम जानकारी है और कई ऐसे भी हैं जिन्हें हमने पहले कभी नहीं देखा.
क्यों अहम है यह रिसर्च
रिसर्चर्स को टूथब्रश और शॉवर हेड में बैक्टीरियोफेज भी मिले. ऐसे वायरस जीवाणु कोशिकाओं को संक्रमित करते हैं और उनके भीतर अपनी कॉपियां बनाते हैं. स्टडी बताती है कि ये बैक्टीरियल समुदाय बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं और शायद हमारी सेहत को भी प्रभावित करते हैं. नए पहचाने गए वायरस से हानिकारक बैक्टीरिया को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है.
टीम ने टूथब्रश और शॉवर हेड्स पर वायरल कम्युनिटीज का पता लगाया. रिसर्चर्स के मुताबिक, शॉवर हेड की तुलना में टूथब्रश पर कहीं ज्यादा वायरस मिले क्योंकि टूथब्रश पर पाए जाने वाले बैक्टीरिया इंसान के मुंह और भोजन के कणों से आते हैं, जबकि शॉवर हेड पर पाए जाने वाले बैक्टीरिया पर्यावरण से आते हैं.
