नई दिल्ली:– स्कूल शिक्षा विभाग बोर्ड परीक्षाओं के रिजल्ट अच्छे आएं, इसके लिए अभी से फोकस कर रहा है। लोक शिक्षण संचालनालय की ओर से इसके लिए गाइडलाइन जारी की गई है। इसमें यह स्पष्ट किया गया है, कि स्कूल प्रबंधन को इसके लिए क्या करना है?, शिक्षकों को क्या करना है और विद्यार्थियों को तनाव रहित कैसे रहना है। जिला शिक्षा अधिकारी आरडी मित्तल ने बताया कि गाइडलाइन में बताया गया है, कि परीक्षा को अभी करीब डेढ़ माह शेष हैं और इसमें रिजल्ट सुधारने के लिए हर संभव प्रयास कर लिए जाएं। बता दें कि पिछले साल हाईस्कूल का रिजल्ट 47 और 12वीं का 45 प्रतिशत अन्य वर्षों की तुलना में कम रहा था।
स्कूल प्रबंधन और शिक्षक यह काम करें
कक्षा 10 वीं और 12 वीं में अध्यापन कार्य करने वाले शिक्षकों को किसी भी स्थिति में गैर शैक्षणिक कार्यों में संलग्न न किया जाए।
स्कूलों में प्रति मंगलवार उमंग, प्रति शनिवार सीसीएलई तथा अन्य कई गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। यदि स्कूल में यह गतिविधियां पूरी हो चुकी हैं, अथवा किसी विषय का सिलेबस अधूरा है तो इन गतिविधियों के स्थान पर मुख्य विषयों का अध्यापन कार्य कराया जाएगा।
विद्यार्थियों को शीतकालीन अवकाश के दौरान विगत तीन सालों के प्रश्न पत्रों को अभ्यास के लिए होमवर्क के रूप में दिया जाए। अवकाश के बाद विषय शिक्षक द्वारा निरीक्षण कर कमजोर बिंदुओं पर शैक्षणिक कार्य कराया जाए।
विद्यार्थियों को विगत वर्षों में बोर्ड परीक्षाओं में अधिकतम अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की कापियां दिखाकर ज्यादा से ज्यादा अंक प्राप्त करने के लिए गाइड किया जाए। यह कापियां विमर्श पोर्टल पर उपलब्ध हैं।
विद्यार्थियों को परीक्षा के तनाव कम करने के लिए क्या करें और क्या न करें को स्कूल के नोटिस बोर्ड पर चस्पा किया जाए तथा प्रार्थना सभा में भी इस पर चर्चा की जाए।
विद्यार्थियों को बताया जाए कि अच्छे रिजल्ट पर विद्यार्थियों को राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। बोर्ड परीक्षाओं के तनाव को करने के लिए परीक्षाओं संबंधित शंकाओं के समाधान के लिए बोर्ड के हेल्पलाइन नंबर 18002330175 को विद्यार्थियों के साथ साझा किया जाए।
अपने समय को स्लॉट में बांट लें
तैयारी के दौरान मोबाइल और इंटरनेट मीडिया से बचें।
समय को बांटकर पहले आसान सवाल हल करें।
व्यवस्थित दिनचर्या के साथ छोटे-छोटे टाइम स्लॉट में अध्ययन करें।
रट्टा मारने की जगह विषयों को समझें। मॉडल पेपर और पिछले साल के पेपर हल करें। मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहें। परीक्षा से पहले डर या घबराहट न रखें, आत्मविश्वास बनाए रखें।
रिवीजन को प्राथमिकता दें। ऐसी किताबों का चयन करें जो एनसीईआरटी से मेल खाती हों।नकारात्मकता से बचें। परिवार और मित्रों से बातचीत कर अपनी समस्याओं के बारे में बातचीत करते रहें।
पढ़ाई के लिए आखिरी वक्त तक का इंतजार न करें। दूसरों से अपनी तैयारी की तुलना न करें।- नकल या धोखाधड़ी न करें। जल्दबाजी में उत्तर न लिखें।
