रायपुर। 22 मार्च से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होने जा रही है. इसके लिए मंदिरों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। डोंगरगढ़ की पहाड़ी पर स्थिति मां बम्लेश्वरी का दरबार इस बार बेहद भव्य नजर आएगा। क्योंकि मंदिर के गर्भगृह की दीवारों में राजस्थानी कलाकृति को उकेरा गया है। नवरात्रि पर भक्तों को माता के भव्य स्वरूप के दर्शन होंगे। बता दें कि नवरात्रि के दौरान प्रदेशभर से लाखों की संख्या में भक्त माता के दर्शन के पहुंचते है, मंदिर में माता के भक्तों की लंबी लाइन लगी रहती है। इस दौरान कई पुलिस कर्मी तैमात किये जाते है, ताकि किसी भी भक्त को कोई परेशानी न हो।
राजस्थान और जयपुर कारीगरों ने किया काम
इसके लिए मंदिर ट्रस्ट ने दान में मिला करीब तीन किलो सोना उपयोग में लाया है। ट्रस्टी संजीव गोमास्ता के मुताबिक इस काम के लिए राजस्थान और जयपुर से बीस कारीगरों की टीम लगी थी। गर्भगृह में उभारदार आकृति बनाने के लिए इम्पोर्टेड सिरेमिक कोटेट पेंट का इस्तेमाल किया गया है। इस कलाकृति का उपयोग राजस्थान के ऐतिहासिक इमारतों में किया गया है। उसी तर्ज पर मां बम्लेश्वरी मंदिर में इस तरह का प्रयोग पहली बार ट्रस्ट ने किया है। इसमें करीब 7 लाख रुपए लगे। ये काम 26 फरवरी से 13 मार्च तक इस काम को पूरा किया।
1600 फीट की ऊंचाई पर स्थापित है मंदिर
यह मंदिर राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ की पहाड़ी पर 1,600 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यहां स्थापित मंदिर में मां बम्लेश्वरी विराजीं हैं। यहां साल में दो बार (चैत व क्वांर) में नवरात्रि पर लगने वाले मेले में करीब 20 लाख भक्त दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं। सामान्य दिनों में भी हजारों श्रद्धालु माई के दरबार में हाजिरी लगाने आते हैं। देश के अलावा विदेशों से भी भक्त मां बम्लेश्वरी मंदिर में अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए आते हैं।