नई दिल्ली:– वृंदावन के संत प्रेमानंद के आश्रम ने एडवाइजरी जारी की है। रात्रिकालीन पदयात्रा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने के बाद संत प्रेमानंद के आश्रम श्रीहित राधा केलिकुंज ने शुक्रवार को नई एडवाइजरी जारी कर कहा कि उनकी कोई दूसरी शाखा नहीं है। और न ही आश्रम द्वारा किसी तरह की संपत्ति की बिक्री की जाती है।
कहा गया है, कि किसी प्रकार का होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, यात्री विश्राम स्थल, चिकित्सालय, गुरुकुल व विद्यालय भी नहीं है। न ही किसी तरह की पूजन व धार्मिक वस्तुओं की ऑनलाइन व ऑफलाइन बिक्री का केंद्र है। आश्रम में एकांतिक वार्तालाप, सत्संग, कीर्तन, वाणी पाठ में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को प्रवेश पूरी तरह निश्शुल्क है। अगर कोई आश्रम के नाम से भ्रमित करता है तो उससे सतर्क रहें और आश्रम आकर जानकारी हासिल कर सकते हैं।
संत प्रेमानंद महाराज ने रात्रिकालीन पदयात्रा की है स्थगित
संत प्रेमानंद के रात्रिकालीन पदयात्रा में देशभर के श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए छटीकरा मार्ग स्थित श्रीकृष्ण शरणम से लेकर प्रेममंदिर के पीछे एनआरआई ग्रीन, सुनरख मार्ग होते हुए रमणरेती तक कुछ ही दिनों में दर्जनों रेस्टोरेंट, ढाबे, गेस्टहाउस व ठेल पर कंठी, माला, संत प्रेमानंद के चित्रपट बिक्री के पटल खुल गए थे। ऐसे में संत प्रेमानंद व श्रीहित राधा केलिकुंज आश्रम के नाम से लोगों की आय में अचानक वृद्धि होती चली गई।
संत प्रेमानंद के चित्रपट लगाकर कई लोगों ने खोल रखे हैं पटल
कुछ लोगों ने आसपास के इलाके में प्लाट आदि खरीदकर संत प्रेमानंद के आश्रम के करीबियों के नाम से रखकर उसकी बिक्री करना शुरू कर दिया। अब संत प्रेमानंद के आश्रम श्रीराधा केलिकुंज को इस बारे में जानकारी मिली है।
जानकारी पर शुक्रवार को आश्रम से जारी की गई एडवाइजरी
शुक्रवार को रमणरेती स्थित संत प्रेमानंद के आश्रम श्रीहित राधा केलिकुंज ट्रस्ट ने शुक्रवार को एडवाइजरी जारी की है। संत प्रेमानंद अथवा श्रीराधा केलिकुंज का नाम जोड़कर अगर कोई भी व्यक्ति, शिष्य परिकर, संत वेषधारी भ्रमित करता है, तो सावधान रहें, झांसे में न आएं। श्रीराधा केलिकुंज
