नई दिल्ली:- फेफड़ों में टीबी के शुरुआती लक्षण
टीबी एक गंभीर बीमारी है, जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है। फेफड़ों में टीबी पैदा करने वाले कीटाणु एक प्रकार के बैक्टीरिया होते हैं। जब कोई व्यक्ति खांसता, छींकता या गाता है तो टीबी फैल सकता है। इससे कीटाणुओं के साथ छोटी बूंदें हवा में फैल सकती हैं। फिर कोई दूसरा व्यक्ति उन बूंदों को सांस के जरिए अंदर ले सकता है और कीटाणु फेफड़ों में प्रवेश कर जाते हैं। भीड़-भाड़ इलाकों में रहने वाले लोगों में टीबी फैलने का खतरा अधिक रहता है। वहीं, एचआईवी/एड्स से पीड़ित लोगों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में टीबी फैलने का खतरा अधिक रहता है। एंटीबायोटिक्स नामक दवाइयों के जरिए टीबी का इलाज करना संभव है। आइए जानते हैं फेफड़ों की टीबी के क्या हैं संकेत?
खांसी होना
फेफड़ों में टीबी होने पर मरीजों को काफी ज्यादा खांसी होती है। यह खांसी काफी तेज और दर्दनाक भी हो सकती है। अगर आपको 3 सप्ताह से अधिक समय तक खांसी हो रही है, तो ऐसे में एक बार डॉक्टर की सलाह लें। इस तरह के संकेत टीबी के हो सकते हैं। इसे लंबे समय तक इग्नोर करने से बचना चाहिए।
भूख कम होना और वजन घटना
टीबी या फिर फेफड़ों में टीबी होने पर मरीजों को भूख में कमी आती है। इसकी वजह से उनका वजन भी तेजी से कम होने लगता है। अगर आपके भूख में अचनाक से गिरावट आई है, तो एक बार अपनी जांच जरूर करा लें। ताकि स्थिति की गंभीरता को कम किया जा सके।
ठंड और बुखार आना
टीबी होने की स्थिति में मरीजों को बार-बार बुखार आने की भी शिकायत हो सकती है। इसके अलावा उन्हें अन्य लोगों की तुलना में काफी ज्यादा ठंड भी लगती है। ऐसे लक्षणों को अक्सर लोग इग्नोर कर देते हैं। लेकिन अगर आप अधिक समय तक इस तरह के संकेतों को इग्नोर करते हैं, तो यह गंभीर हो सकते हैं।
बलगम में खून आना
फेफड़ों में टीबी होने की स्थिति में मरीजों के बलगम में खून आने की शिकायत हो सकती है। हालांकि, यह फेफड़ों में टीबी के अलावा अन्य बीमारियों के संकेत हो सकते हैं। इस तरह के संकेतों को इग्नोर न करें और तुरंत डॉक्टर से सलाह लेने के लिए भागें।
सोते समय काफी पसीना आना
सोते समय अगर आपको खांसी के साथ-साथ काफी ज्यादा पसीना आ रहा है, तो ऐसे संकेतों को इग्नोर करने से बचें। यह फेफड़ों में टीबी के संकेत हो सकते हैं। अधिकतर लोग इस तरह के लक्षणों को इग्नोर कर देते हैं, जो आगे चलकर गंभीर हो सकते हैं।
