नई दिल्ली:– वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किए जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने इस बजट को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह देश की युवा शक्ति के सपनों को पूरा करने वाला और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को नई ऊर्जा देने वाला ‘राजमार्ग’ है।
नारी शक्ति का नया रिकॉर्ड और SHGs पर जोर
प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से महिला वित्त मंत्री द्वारा लगातार 9वीं बार बजट पेश करने के रिकॉर्ड की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह बजट महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। पीएम ने इसके साथ ही कहा कि कोशिश यही है कि हर घर में लक्ष्मी जी पधारें। देश की 10 करोड़ से अधिक महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के माध्यम से एक आधुनिक और सफल आर्थिक इकोसिस्टम से जोड़ा जाएगा।
पीएम मोदी ने विकसित भारत की यात्रा को गति देने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में कई क्रांतिकारी कदमों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अब विकास केवल महानगरों तक सीमित नहीं रहेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि देशभर में वाटर वेज का विस्तार, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के निर्माण को प्राथमिकता दी जाएगी। टियर 2 और टियर 3 शहरों को आर्थिक केंद्र बनाने के लिए ‘म्युनिसिपल बांड्स’ को प्रोत्साहित किया जाएगा।
कृषि विविधीकरण और किसानों को प्राथमिकता
प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र में किए गए विशेष प्रावधानों पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार का ध्यान पारंपरिक खेती के साथ-साथ हाई-वैल्यू फसलों पर भी है। उन्होंने कहा कि नारियल, कोको, काजू और चंदन की पैदावार करने वाले किसानों के लिए बजट में विशेष सहायता का प्रावधान है। डेयरी सेक्टर और फिशरीज को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सशक्त आधार के रूप में विकसित किया जाएगा।
