नई दिल्ली:– सोने और चांदी की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम आदमी को गहनों की खरीदारी से दूर कर दिया है। पायल, बिछिया और झुमके जैसे छोटे जेवर भी अब आम लोगों की पहुंच से बाहर होते जा रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि सराफा कारोबार लगभग 80 फीसदी तक ठप हो गया है।
छोटे सराफा कारोबारी सबसे ज्यादा प्रभावित
बढ़ती महंगाई के चलते ग्राहक खरीदारी से तौबा कर रहे हैं, जिससे सराफा कारोबारियों के सामने खर्च निकालना भी मुश्किल हो गया है। छोटे कारोबारियों पर इसका सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है। यदि यही स्थिति बनी रही, तो कई व्यापारियों को दुकान बंद करने की नौबत आ सकती है।
शादी के लिए भी हल्के जेवरों की मांग
जिन ग्राहकों को शादी-विवाह के लिए गहनों की जरूरत है, वे अब कम वजन और कम कैरेट के जेवरों की ओर रुख कर रहे हैं। सोने में जहां कम कैरेट के आभूषण बिक रहे हैं, वहीं चांदी में बेहद कम ग्राम की पायल और बिछिया की मांग रह गई है। सोने की कीमत लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। मंगलवार को 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 7,300 रुपए (4.6%) की बढ़त के साथ 1,66,000 रुपए प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया।
चांदी 40 हजार रुपए महंगी, 3.70 लाख पर पहुंची
चांदी की कीमतों में भी जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया है। चांदी 40,500 रुपए (12.3%) बढ़कर 3,70,000 रुपए प्रति किलो (सभी करों सहित) के नए शिखर पर पहुंच गई। पिछले सत्र में चांदी 3,29,500 रुपए प्रति किलो पर बंद हुई थी कारोबारियों के अनुसार, आने वाले समय में सोना 2 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी 4 लाख रुपए प्रति किलो तक पहुंच सकती है। आशंका है कि दाम बढ़ने का यह सिलसिला फिलहाल थमने वाला नहीं है।
आम खरीदारी पूरी तरह बंद
सराफा कारोबारियों का कहना है कि पहले लोग छोटी बचत में भी सोना-चांदी खरीद लेते थे। कोई 5 हजार तो कोई 25 हजार रुपए तक की खरीदारी आम बात थी। लेकिन अब यह पूरी तरह से बंद हो चुकी है और बाजार में केवल जरूरत की खरीदारी ही रह गई है।
सराफा महासचिव का बयान
छत्तीसगढ़ सराफा महासचिव प्रकाश गोलछा ने बताया कि सोने और चांदी की कीमतों में भारी उछाल के कारण कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। अब ग्राहक केवल शादियों के लिए जरूरत भर की खरीदारी कर रहे हैं, वह भी लाइटवेट गहनों तक सीमित है।
