नई दिल्ली:– प्याज के दाम कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। आजादपुर मंडी में अलवर के प्याज के अच्छी-खासी आवक के बाद थोक के दाम नरमी देखने को मिली, लेकिन इसके बावजूद भी प्याज महंगा बिक रहा है।
अगले कुछ दिन में अलवर से बंपर आवक का अनुमान
रोहिणी में सप्ताहभर से प्याज 60-80 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहा है, जबकि सोमवार को आजादपुर मंडी के थोक भाव में 10 से 15 रुपये की गिरावट दर्ज की गई। व्यापारियों का कहना है कि आने वाले दिनों मेें यहां अलवर से प्याज की बंपर आवक का अनुमान है।इससे प्याज के दाम नीचे आ सकते हैं।
60 रुपये से लेकर 80 रुपये किलो बिकी प्याज
आजादपुर मंडी में बीते शनिवार को प्याज 40-60 रुपये प्रति किलो बिकी थी और बाजार में प्याज का दाम 60-80 रुपये प्रति था। सोमवार को थोक भाव घटकर 30 से 45 रुपये प्रति किलो हो गया, लेकिन बाजार तक यह राहत नहीं पहुंची। रोहिणी की रजा सब्जी मंडी मार्केट और आसपास के क्षेत्रों में आज भी प्याज 60 रुपये से लेकर 80 रुपये किलो ही बिकी।
केंद्र सरकार ने बाजार में उतारी थी प्याज की बड़ी खेप
ओनियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष श्रीकांत ने बताया कि दो दिन पहले अलवर से आजादपुर मंडी में 34 हजार प्याज के बैग आए हैं। एक बैग में 50 किलो वजन होता है। यानी, 17 हजार कुंतल प्याज की आवक हुई है। इसी कारण 10-15 रुपये दाम नीचे आए हैं।
उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में वर्षा के कारण प्याज की फसल बर्बाद हो गई और अगली फसल अभी तैयार नहीं हो पाई है।इसलिए प्याज के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं। प्याज के दाम थामने के लिए केंद्र सरकार ने प्याज की बड़ी खेप बाजार में उतारी थी, इस कारण कुछ दिन प्याज के दाम स्थिर हुए थे। अब अलवर का प्याज आने से दाम नीचे आए हैं। आने वाले दिनों में अलवर से प्याज की आवक बढ़ने की उम्मीद है।
अलवर मंडी में पहुंचे एक लाख प्याज के बैग
महाराष्ट्र से आवक बंद होने के बाद बाजार में प्याज की कमी को देखते हुए अलवर के किसानों ने समय से पहले अपनी फसल खेत से निकाल कर बाजार में उतार दी।इस कारण अलवर के प्याज का आकार सामान्य से कम है।
श्रीकांत ने बताया कि आम तौर पर फसल की प्याज तैयार होने में 80 से 90 दिन लगते हैं, लेकिन अलवर के किसानों ने 55-60 दिन में ही अपनी फसल बाजार में उतार दी। यही कारण है कि अलवर का प्याज आकार में छोटा है।
महाराष्ट्र के प्याज की नई फसल मार्केट में आने से पहले अलवर का किसान शायद अपनी फसल निकालना चाहता है। उन्होंने बताया कि अलवर मंडी में लगभग एक लाख प्याज के बैग पहुंच चुके हैं। इस खेप के मंडी में आने के बाद प्याज के दाम नीचे आ सकते हैं।
