यूपी:- हाई प्रोफाइल लोकसभा सीटों में शुमार मथुरा में वोटों की गिनती में एक बार फिर बीजेपी कैंडिडेट हेमा मालिनी जीतती हुई नजर आ रही हैं. अब तक की काउंटिंग में हेमा मालिनी को करीब 2 लाख से ज्यादा वोटों की बढ़त मिल चुकी है, जबकि कांग्रेस कैंडिडेट मुकेश धनगर बुरी तरह पिछड़ रहे हैं. अगले कुछ घंटों में इस सीट की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है.
मथुरा उत्तर प्रदेश का सबसे प्राचीन, धार्मिक और ऐतिहासिक शहर है. मथुरा को भगवान श्रीकृष्ण की नगरी के नाम से जाना जाता है. मथुरा यमुना किनारे बसा शहर है. मथुरा लोकसभा सीट यूपी के हाई प्रोफाइल सीटों में से एक है. मथुरा लोकसभा सीट पर अब पूरे देश की नजर रहती है. वजह है बॉलीवुड की ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी का यहां से चुनाव लड़ना. 2019 लोकसभा चुनाव में मथुरा में कुल वोटरों की संख्या 1807893 थी. भाजपा ने लगातार तीसरी बार हेमा मालिनी को अपना उम्मीदवार बनाया है. मथुरा में कदम-कदम पर मंदिर हैं और यहां देश-दुनिया से लोग भगवान कृष्ण के जन्म स्थल को देखने आते हैं.
दरअसल, मथुरा की असल पहचान भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली से है. मथुरा शहर यमुना किनारे बसा है. मथुरा का एक प्राचीन इतिहास और कृष्ण जी की मातृभूमि और जन्म स्थान भी है. धार्मिक मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण मथुरा में ही यदु वंश में पैदा हुए थे. हिंदू धर्म ग्रंथों के मुताबिक, मथुरा ब्रज या बृज-भूमि के केंद्र में भगवान कृष्ण की जन्मस्थली है. प्राचीन काल में केशव देव मंदिर कृष्ण के पौराणिक जन्मस्थान की जगह पर बनाया गया था. महाभारत और भागवत पुराण महाकाव्यों के अनुसार, एक समय मथुरा सुरसना साम्राज्य की राजधानी हुआ करती थी और श्रीकृष्ण के मामा कंस ने यहां पर शासन किया था.
देश की राजधानी दिल्ली से मथुरा की दूरी करीब 150 किलोमीटर है. हिंदू समाज के लोगों के लिए मथुरा का बड़ा महत्व है. मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि है. इसके अलावा श्री बांके बिहारी मंदिर, श्री द्वारकाधीश मंदिर, इस्कॉन मंदिर वृंदावन, गोकुल में रमन रीति और राधा रमन मंदिर वर्ल्ड फेमस हैं. मथुरा में ही बरसाना भी है, जहां श्री राधा रानी मंदिर में भी बड़ी संख्या में भक्त उमड़ते हैं. मथुरा में गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा भी की जाती है. मथुरा में ही शाही ईदगाह मस्जिद भी है. श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद को लेकर अदालत में विवाद भी लंबित है.
