मध्यप्रदेश:– प्रदेश के साथ ही इंदौर में होली पर्व पर यात्रियों की परेशानी बढ़ने वाली है। पूरे प्रदेश में दो मार्च से बस ऑपरेटरों ने हड़ताल की घोषणा की है। इस हड़ताल से इंदौर से चलने वाली 1100 से अधिक बसों के पहिये थम जाएंगे। प्रमुख त्योहार पर हो रही हड़ताल से यात्रियों, छात्रों और व्यापारिक गतिविधियों पर व्यापक असर पड़ेगा। इंदौर से प्रतिदिन चलने वाली बसों में सफर करने वाले 40 हजार से अधिक यात्रियों की परेशानी बढ़ जाएगी।
प्राइम रूट बस आनर्स एसोसिएशन मध्य प्रदेश एवं मध्य प्रदेश बस ऑनर्स एसोसिएशन के आह्वान पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की गई है। बस ऑपरेटरों ने इसका प्रमुख कारण प्रदेश में लाई जा रही नई परिवहन नीति को बताया है। निजी बस मालिकों का कहना है कि सरकार ने नई नीति को लेकर स्पष्ट जानकारी साझा नहीं की है, जिससे उनके भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
अप्रैल 2026 से होगी योजना की शुरुआत
जानकारी के अनुसार प्रदेश शासन ने सुगम परिवहन योजना के तहत यात्री परिवहन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड नामक कंपनी का गठन किया है, जो प्रदेश में यात्री बसों का संचालन करेगी। इस योजना की शुरुआत अप्रैल 2026 से इंदौर से करने की घोषणा की गई है।
निजी बस संचालकों का कहना है कि किन मार्गों पर कौन-सी बसें चलेंगी, निजी ऑपरेटरों की भूमिका क्या होगी और वर्तमान परमिट व्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ेगा। इन सभी सवालों पर स्पष्टता नहीं है। इसी कारण बस मालिकों में भ्रम और असंतोष बढ़ रहा है।
योजना करें सार्वजनिक
प्राइम रूट बस ओनर्स एसोसिएशन मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष पंडित गोविंद शर्मा और महामंत्री सुशील अरोरा ने बताया कि लगभग 20 साल पहले वर्ष 2005 में मध्य प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम का संचालन बंद होने के बाद निजी बस मालिकों ने परिवहन सेवा की जिम्मेदारी संभाली थी।
तब से वे शासन के नियमों के अनुसार सस्ती और सुलभ यात्री सेवा दे रहे हैं। बसों का किराया सरकार ही तय करती है। नई नीति लागू करने से पहले बस आपरेटरों को विश्वास में लिया जाना चाहिए और पूरी योजना सार्वजनिक की जानी चाहिए।
ग्रामीण मार्गों पर पड़ेगा असर
हड़ताल से लंबी दूरी और ग्रामीण मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी होगी। यदि बस संचालन ठप रहा तो त्योहार पर घर लौटने वाले यात्रियों को वैकल्पिक साधनों के लिए अधिक किराया देना पड़ सकता है। स्टेज केरेज के साथ ही उपनगरीय बसें भी नहीं चलेंगी। यह हड़ताल प्रदेश के सभी 56 जिलों में हो रही है।
