छत्तीसगढ़:– रेलवे जोन में सफर करने वाले यात्रियों के लिए बार फिर परेशानियां बढ़ गई हैं. रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को भीषण गर्मी ने राहत देने के लिए जिन ट्रेनों को बहाल करने का फैसला लिया था, उन्हें 24 घंटे में फिर से रद्द कर दिया है. इन ट्रेनों के रद्द होने से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है. रेलवे ने यात्रियों के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की है. ट्रेनों के बार-बार कैंसिल होने से यात्रियों के बीच भारी असमंजस और परेशानी की स्थिति बन गई है.
बता दें कि रेलवे ने इस काम को पहले 3 से 10 अप्रैल के बीच पूरा करने का निर्णय लिया था, लेकिन बाद में यात्रियों की भीड़ और गर्मी को देखने हुए ट्रेनों को दोबारा शुरू कर दिया गया था. शुक्रवार को अचानक फिर से नया आदेश जारी किया गया, जिसमें बताया कि गया कि पुरानी योजना को रिशेड्यूल करते हुए अब 11 अप्रैल से ट्रेनों का संचालन बंद रहेगा.
इस ब्लॉक के कारण बिलासपु, रायगढ़, गेवरा रोड, कोरबा और रायपुर के बीच चलने वाली 10 प्रमुख लोकल और मेमू पैसेंजर ट्रेनों को पूरी तरह रद्द कर दिया गया है. कुल मिलाकर 14 ट्रेनें इस फैसले से प्रभावित हुई हैं. ये ट्रेनें अब 18 अप्रैल तक बंद रहेंगी.
ट्रेनों के पूरी तरह रद्द होने के अलावा, कुछ प्रमुख गाड़ियों के रूट में भी कटौती की गई है. गोंदिया-झारसुगुड़ा-गोंदिया जेडी पैसेंजर अब अपने निर्धारित गंतव्य तक नहीं जाएगी. यह ट्रेन गोंदिया से चलकर बिलासपुर स्टेशन पर ही खत्म हो जाएगी और वापसी में बिलासपुर से ही चलेगी.
यात्रियों की सुविधा के नाम पर एक और बदलाव हसदेव एक्सप्रेस में किया गया है. कोरबा-रायपुर-कोरबा एक्सप्रेस को 11 से 18 अप्रैल के बीच कोरबा और बिलासपुर के बीच पैसेंजर ट्रेन बनाकर चलाया जाएगा. हालांकि, बिलासपुर से रायपुर के बीच यह अपनी पुरानी गति और एक्सप्रेस दर्जे के साथ ही चलेगी, लेकिन कोरबा से सफर शुरू करने वालों को परेशानी होगी.
सिर्फ लोकल ट्रेनें ही नहीं, बल्कि लंबी दूरी की प्रतिष्ठित ट्रेनें जैसे छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, गोंडवाना एक्सप्रेस और समता एक्सप्रेस भी इस दौरान प्रभावित रहेंगी. गोंदिया स्टेशन पर ट्रैक के काम और बिलासपुर मंडल में चौथी लाइन के ब्लॉब के कारण ये ट्रेनें 27 अप्रैल तक अलग-अलग तारीखों में कैंसिल की गई हैं.
अचानक ट्रेनों के रद्द होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है. यात्रियों का कहना है कि रेलवे ने ट्रेनों को रद्द तो कर दिया है, लेकिन वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है. 11 अप्रैल से 19 अप्रैल तक यात्रियों को पेरशानियों का सामना करना पड़ेगा.
