नई दिल्ली:– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम का रविवार को 129वां एपिसोड प्रसारित होगा। यह इस वर्ष का आखिरी एपिसोड भी है। उम्मीद की जा रही है कि पीएम आज देश की 2025 की उपलब्धियों और संघर्षों का जिक्र कर सकते हैं। इसके साथ ही वे आने वाले साल 2026 की चुनौतियों, संभावनाओं और विकास पर भी बात कर सकते हैं।
इससे पहले 20 नवंबर को मन की बात का 128वां एपिसोड प्रसारित किया गया था। उस दौरान पीएम ने भारत में खेलों की प्रगति, विंटर टूरिज्म, वोकल फॉर लोकल और वाराणसी में आयोजित होने वाले काशी-तमिल संगमम का उल्लेख किया था। पीएम मोदी ने कहा था कि भारतीय खेलों के लिहाज से नवंबर का महीना बेहद शानदार रहा। शुरुआत महिला टीम की आईसीसी महिला वर्ल्ड कप जीत से हुई। भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी मिलने की घोषणा भी हुई। टोक्यो में हुए डेफ ओलिंपिक्स में भारत ने रिकॉर्ड 20 पदक जीते। महिला कबड्डी टीम ने वर्ल्ड कप जीतकर नया इतिहास रचा, जबकि बॉक्सिंग कप में भी भारत ने 20 मेडल अपने नाम किए।
मन की बात’ के पिछले 5 एपिसोड की बड़ी बातें
127वें एपिसोड में कहा- त्योहारों में स्वदेशी वस्तुओं की जमकर खरीदारी हुई- प्रधानमंत्री के रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 127वें एपिसोड में पीएम मोदी ने छठ पूजा की शुभकामनाएं दीं और लोगों से इस पर्व में बढ़-चढ़कर शामिल होने का आग्रह किया। उन्होंने जीएसटी बचत उत्सव, सरदार पटेल की 150वीं जयंती और रन फॉर यूनिटी जैसे विषयों पर भी चर्चा की।
126वें एपिसोड की शुरुआत लता मंगेशकर को श्रद्धांजलि से हुई- पीएम ने कहा था कि आज लता मंगेशकर की जयंती है। भारतीय संस्कृति और संगीत से प्रेम करने वाला कोई भी व्यक्ति उनके गीत सुनकर भावुक हुए बिना नहीं रह सकता। उनके गीत मानवीय भावनाओं को गहराई से छूते हैं।
125वें एपिसोड में मानसून पर चर्चा, प्रतिभा सेतु ऐप का जिक्र- पीएम मोदी ने मानसून के कारण हो रही तबाही पर चिंता जताते हुए कहा था कि प्राकृतिक आपदाएं देश की कठिन परीक्षा ले रही हैं। इसके अलावा उन्होंने प्रतिभा सेतु ऐप और सितंबर में लिबरेशन डे मनाने की जानकारी भी दी थी।
124वें एपिसोड में स्पेस और शुभांशु शुक्ला का उल्लेख- पीएम ने कहा था कि जैसे ही अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला धरती पर लौटे, पूरे देश में खुशी की लहर दौड़ गई। हर कोई गर्व महसूस कर रहा था। इससे बच्चों में विज्ञान और अंतरिक्ष को लेकर नई उत्सुकता पैदा हुई है।
123वें एपिसोड में योग दिवस और इमरजेंसी पर बात- पीएम ने कार्यक्रम की शुरुआत अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से की और कहा कि 21 जून को देश-दुनिया के करोड़ों लोगों ने इसमें भाग लिया। योग को लोग तेजी से अपनी दिनचर्या में अपना रहे हैं। इसके बाद उन्होंने आपातकाल के दौर का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय लोगों पर अत्याचार हुए, लेकिन अंत में जनता की जीत हुई और इमरजेंसी हटाई गई।
22 भाषाओं में प्रसारित होत है मन की बात कार्यक्रम
मन की बात कार्यक्रम का प्रसारण 22 भारतीय भाषाओं और 29 बोलियों के साथ-साथ 11 विदेशी भाषाओं में भी किया जाता है। इनमें फ्रेंच, चीनी, इंडोनेशियाई, तिब्बती, बर्मी, बलूची, अरबी, पश्तो, फारसी, दारी और स्वाहिली शामिल हैं।
