नई दिल्ली:– रिजर्व बैंक की तरफ से पिछले दिनों रुपये की गिरावट को थामने के लिए उठाए गए कदम से रुपये में मजबूती देखी जा रही है. पिछले दिनों गिरकर डॉलर के मुकाबले 95.23 पर पहुंचने वाले रुपया अब दमदार तरीके से वापसी कर रहा है. भारतीय रुपया सोमवार को शुरुआती कारोबार में ही 33 पैसे मजबूत होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 92.85 के लेवल पर पहुंच गया. रिजर्व बैंक (RBI) सख्त कदम और सट्टेबाजी पर लगाम लगाने की कोशिश से रुपया डॉलर के मुकाबले रिबाउंड कर रहा है. इससे पहले गुरुवार को रुपया 152 पैसे की बड़ी छलांग लगाकर 93.18 पर बंद हुआ था. शुक्रवार को गुड फ्राइडे की छुट्टी के कारण मार्केट बंद रहा था.
इंटरबैंक फॉरेक्स मार्केट (Interbank Forex Market) में रुपया शुरुआत में कमजोर होकर 93.13 पर खुला. जैसे-जैसे ट्रेडिंग आगे बढ़ी, यह मजबूत होता गया और 92.85 के लेवल पर पहुंच गया. पिछले सत्र के बंद भाव 93.18 के मुकाबले यह रुपये की 33 पैसे की मजबूती है.
आरबीआई ने क्या कदम उठाया?
आरबीआई (RBI) ने सट्टेबाजी को रोकने के लिए कदम उठाए हैं. बैंक के नेट ओपन पोजीशन की लिमिट 100 मिलियन डॉलर तक लिमिटेड कर दी गई है. 10 अप्रैल की डेडलाइन से पहले बैंक डॉलर की पोजीशन अनवाइंड कर रहे हैं. जानकारों का कहना है कि आरबीआई (RBI) का एक्शन काम कर रहा है. आने वाले समय में रुपये के डॉलर के मुकाबले 92 तक मजबूत होने की उम्मीद है.
क्या दबाव बना हुआ है?
रुपये में पिछले कुछ दिन से देखी जा रही मजबूती के बावजूद कई चुनौतियां बनी हुई हैं. एफआईआई (FII) बाजार से लगातार बिकवाली कर रहा है. पिछले कारोबारी सत्र गुरुवार को ही इक्विटी में 9,931 करोड़ रुपये की बिकवाली हुई. अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 0.14 प्रतिशत बढ़कर 100.17 पर पहुंच गया. इसके अलावा क्रूड ऑयल के दाम में तेजी देखी जा रही है. ब्रेंट क्रूड 0.66 प्रतिशत चढ़कर 110 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की तरफ से ईरान को चेतावनी दी गई है. ट्रंप ने मंगलवार तक होर्मुज स्ट्रेट फिर से खोलने के लिए कहा है, वरना उन्होंने ईरान के पावर इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले की धमकी दी है. इससे बढ़ी ग्लोबल अनिश्चितता भी रुपये पर दबाव बढ़ा रही है. रुपये की मजबूती के बावजूद शेयर मार्केट आज लाल निशान के साथ कारोबार कर रहा है.
