दिल्ली: लोकसभा में आज चीन की महत्वाकांक्षा का जिक्र करते हुए सरकार के उदासीन रवैये की बात, कुछ देर बाद जब विदेश मंत्री एस. जयशंकर खड़े हुए तो उन्होंने हर सवाल का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि माननीय सदस्य हमारी सरकार को चीन के खिलाफ उदासीन कह रहे हैं अगर ऐसा होता तो बॉर्डर पर सेना को भेजने का फैसला न लिया जाता हम चीन पर पीछे हटने के लिए दबाव न बनाते हम खुलेआम कह रहे हैं कि संबंध सामान्य नहीं हैं।
जयशंकर ने आगे कहा कि हमें राजनीतिक आलोचना पर कोई आपत्ति नहीं है लेकिन हमें प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से अपने जवानों को क्रिटिसाइज नहीं करना चाहिए। अधीर रंजन संसद में भड़क गए हालांकि जयशंकर बोलते रहे हाल में राहुल गांधी ने दावा किया था कि चीन युद्ध की तैयारी कर रहा है जबकि सरकार सोई हुई है। तवांग झड़प के संदर्भ में उन्होंने कहा था कि भारतीय जवानों की ‘पिटाई’ की जा रही है आज संसद में विदेश मंत्री ने राहुल के उसी बयान पर पलटवार किया है।अधीर रंजन चौधरी आगे अपनी बात रखते रहे।
उन्होंने कहा कि यह मेरा कर्तव्य है कि मैं कुछ मुद्दों पर विदेश मंत्री का ध्यान आकर्षित करूं क्योंकि वह आर्ट ऑफ डिप्लोमेसी जानते हैं। अधीर आगे डिप्लोमेसी की परिभाषा बताने लगे। इस दौरान उन्होंने स्टालिन का नाम लिया तो उस पर एक सदस्य ने तंज कसा। अधीर ने जवाब दिया कि मैंने स्टालिन का नाम इसलिए लिया क्योंकि इस सरकार को शी जिनपिंग के रास्ते को नहीं अपनाना चाहिए। जयशंकर लगातार मुस्कुराते रहे। बाद में उन्होंने कहा कि मैं इस बिल का सपोर्ट कर रहा हूं।इसके बाद विदेश मंत्री जयशंकर बोलने के लिए खड़े हुए। उन्होंने सभी सदस्यों का धन्यवाद दिया।