नई दिल्ली:– भारत में हजारों साल से लोग ध्यान लगाते आ रहे हैं। दुनिया में इसे मेडिटेशन के नाम से जाना जाता है। यह योग का इतना ताकतवर अभ्यास है कि दिमाग को अपने काबू में किया जा सकता है। इसके बाद पूरे शरीर पर भी कंट्रोल प्राप्त किया जा सकता है। साइंस भी मानता है कि इसके नियमित अभ्यास करके शरीर को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है।
ऋषि मुनि व साधु ध्यान लगाकर ही अपनी इंद्रियों पर काबू पाते हैं। मगर लोगों को अक्सर इसकी शुरुआत करने में दिक्कत होती है। उन्हें पता नहीं होता कि मेडिटेशन कैसे करना चाहिए। विभिन्न योग गुरु और एक्सपर्ट ने मेडिटेशन करने का तरीका बताया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भगवान श्री कृष्ण ने भी खुद इस तरीके को बता रखा है
महाभारत के दौरान श्री कृष्ण ने अर्जुन को श्रीमद्भगवद्गीता सुनाई थी। इसी के 6 अध्याय के श्लोक 12 और 13 में उन्होंने ध्यान लगाने का तरीका बताया है। उन्होंने कहा कि मन की शांति और शुद्धि करने के लिए व इंद्रियों पर काबू पाने के लिए एक योगी को इस तरह ध्यान लगाना चाहिए। इसे आप घर पर मेडिटेशन शुरू करने के लिए भी अपना सकते हैं।
एक आरामदायक और शांत माहौल में बैठें।
सुखासन में बैठ जाएं।
अपने रीढ़, गर्दन और सिर को एक सीध में रखें।
दोनों आंखों की नजर नाक की नोक पर लाएं।
नजर को बिना हिलाए नाक के सिरे पर ध्यान लगाए रखें।
कुछ देर इसी स्थिति व मुद्रा में रहकर दिमाग को विचारों से खाली करने की कोशिश करें।
तनाव मैनेज होता है
एंग्जायटी कम होती है
इमोशनल हेल्थ सुधरती है
आत्मबोध बढ़ता है
संभावित उम्र बढ़ती है
याददाश्त सुधरती है
बुरी लतों से छुटकारा मिलता है
नींद सुधरती है
शारीरिक दर्द को सहने की शक्ति बढ़ती है
ब्लड प्रेशर कंट्रोल होता है
मेडिटेशन एक ऐसी प्रैक्टिस है, जिसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है। आप इसे दिन के किसी भी वक्त कर सकते हैं। हालांकि सुबह के वक्त इसे करना बेस्ट माना जाता है क्योंकि उस समय ध्यान लगाने में आसानी होती है। इसका अभ्यास बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक कोई भी पुरुष या महिला कर सकती है।
