
सी-मार्ट में लघु एवं कुटीर उद्योगों, स्व-सहायता समूहों द्वारा स्थानीय स्तर पर निर्मित एवं परम्परागत उत्पादों को दिया जा रहा है प्रोत्साहनसी-मार्ट से अब तक कुल 37 लाख 55 हजार 770 रूपये का किया गया विक्रयबिनोद गुप्ता सूरजपुर छत्तीसगढ़ की रिपोर्टबलरामपुर 29 अप्रैल 2022/ राज्य शासन द्वारा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को तेजी से विकसित करने के लिए गांवों में तैयार उत्पादों को शहरी बाजार से जोड़ने की नई पहल की गई है।
इसके लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में संचालित योजनाओं के अंतर्गत महिला स्व-सहायता समूहों, शिल्पियों, बुनकरों, दस्तकारों, कुम्भकरों अथवा अन्य पारंपरिक एवं कुटीर उद्योगों द्वारा निर्मित उत्पादों का समुचित मूल्य सुनिश्चित करने हेतु इनकी व्यावसायिक ढंग से मार्केटिंग करने के लिए शहरों में आधुनिक शोरूम की तरह सी-मार्ट स्थापित करने के निर्देश दिए गये हैं। जिसके तहत् जिला मुख्यालय बलरामपुर के चांदो रोड में सी-मार्ट का संचालन किया जा रहा है। सी-मार्ट से अब तक कुल 37 लाख 55 हजार 770 रूपये के सामग्रियों का विक्रय किया गया है।
जिला मुख्यालय बलरामपुर में लघु एवं कुटीर उद्योगों, स्व-सहायता समूहों द्वारा स्थानीय स्तर पर निर्मित एवं परम्परागत उत्पादों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से सी-मार्ट प्रारंभ किया गया है। सी-मार्ट में विशुद्ध रूप से स्थानीय स्तर एवं छत्तीसगढ़ में तैयार उत्पादों को एक प्लेटफार्म में विक्रय हेतु उपलब्ध कराया जा रहा है। सी-मार्ट बलरामपुर में लघु एवं कुटीर उद्योगों, स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित वस्तुओं तथा वनोपज संघ द्वारा निर्मित शुद्ध एवं जैविक वस्तुओं को उचित मूल्य पर आम जनता हेतु उपलब्ध है।
स्थानीय स्तर पर बने उत्पादों की ब्रांडिंग कर सी-मार्ट के माध्यम से विक्रय किये जाने से स्थानीय एवं लघु उद्योग तथा स्व-सहायता समूह की महिलाओं हेतु सर्व सुविधा युक्त विक्रय केंद्र उपलब्ध होने से आसानी हुई अब तक 45 स्व सहायता समूहों से ३५लाख रुपए के उत्पादन क्रय किए हैं सी मार्ट में जिलेके विशेष स्थानीय उत्पादन जैसे चावल दाल मसाले का तेल बड़ी पापड़ साबुन आदि के साथ होने पर संजीव समूह द्वारा निर्मित शुद्ध शहद मंगा पाउडर कोदो कुटकी महुआ से बने व्यंजन के साथ बांस तथा तेरह कोटा से निर्मित आकर्षक उत्पादन की उपयोगिता एक ही छत के नीचे कराई जा रही है।