नई दिल्ली:– गूगल ने मैप्स के लिए अब तक का सबसे बड़ा अपडेट पेश किया है। इसमें Ask Maps फीचर शामिल है, जो Gemini AI की मदद से आपके पेचीदा सवालों के जवाब देगा। साथ ही, नया 3D इम्मर्सिव नेविगेशन अब आपकी ड्राइविंग को पहले से कहीं ज्यादा आसान और सटीक बनाएगा।
गूगल ने Ask Maps नाम का एक शानदार फीचर पेश किया है। यह फीचर गूगल के जेमिनी एआई (Gemini AI) पर आधारित है। अब आपको मैप्स पर सिर्फ टाइप करने की जरूरत नहीं है, बल्कि आप उससे किसी दोस्त की तरह सवाल पूछ सकते हैं। इसके लिए एप में एक नया Ask Maps बटन दिया गया है, जहां आप बोलकर या लिखकर अपनी बात कह सकते हैं।
आपके हर सवाल का जवाब तैयार
मान लीजिए आप कहीं बाहर जाने का प्लान कर रहे हैं, तो आप पूछ सकते हैं- “इस वक्त गंतव्य तक जाने के लिए कार से जाना बेहतर होगा या मेट्रो से?”, “क्या रास्ते में कहीं अच्छी कॉफी मिल सकती है?”, “ऐसी जगह बताओ जहां लाइव स्पोर्ट्स मैच देख सकें और वेज स्टार्टर्स भी मिलें।”
यह एआई न केवल आपको जगह बताएगा, बल्कि वहां का माहौल कैसा है, वहां की मशहूर डिशेज कौन सी हैं और क्या वहां वैलेट पार्किंग की सुविधा है या नहीं जैसी हर छोटी-बड़ी जानकारी ढूंढ कर लाएगा।
आपकी पसंद का रखेगा ख्याल
इस फीचर की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह आपकी पसंद को याद रखता है। अगर आप अक्सर शाकाहारी रेस्टोरेंट खोजते हैं, तो किसी नए शहर में जाने पर यह एआई खुद ही आपको वेज ऑप्शंस को प्राथमिकता देगा। आप इससे फॉलो-अप सवाल भी पूछ सकते हैं, जैसे “इनमें से किस जगह पर पार्किंग ज्यादा आसान है?”
ड्राइव करते समय 3D में दिखेंगे रास्ते
गूगल ने ड्राइविंग के अनुभव को पूरी तरह बदलने के लिए Immersive Navigation पेश किया है। कंपनी के मुताबिक, यह पिछले एक दशक में ड्राइविंग के लिए आया सबसे बड़ा अपडेट है। अब आपको मैप्स पर रास्ता सिर्फ लकीरों में नहीं, बल्कि 3D में दिखेगा। इसमें ऊंची इमारतें, फ्लाईओवर और रास्ते का उतार-चढ़ाव बिल्कुल असली जैसा नजर आएगा, जिससे मोड़ काटने या फ्लाईओवर पर चढ़ने में कोई कन्फ्यूजन नहीं होगा।
भारत में कब रोलआउट होगा अपडेट?
Ask Maps का रोलआउट भारत और अमेरिका में एंड्रॉइड और आईओएस दोनों यूजर्स के लिए शुरू हो गया है। फिलहाल यह अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध है, लेकिन गूगल ने वादा किया है कि जल्द ही इसमें हिंदी सपोर्ट भी जोड़ दिया जाएगा। यह पूरा सिस्टम गूगल मैप्स पर मौजूद 30 करोड़ जगहों की जानकारी और 50 करोड़ से ज्यादा योगदानकर्ताओं के अनुभवों पर आधारित है।
