नई दिल्ली: देश की प्रिंट मीडिया इंडस्ट्री 2024 में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज करने के लिए तैयार है। इंडस्ट्री में ऐड रेवेन्यू कोविड से पहले के स्तर पर लौटने और अखबारी कागज की कीमतों में नरमी के बीच प्रॉफिट मार्जिन में सुधार का अनुमान भी है। Pitch Madison Advertising Report 2024 के मुताबिक, प्रिंट ऐड रेवेन्यू 7 फीसदी बढ़ने का अनुमान है, जो इस साल ₹20,613 करोड़ तक पहुंच जाएगा। इस तरह यह 2019 के कोविड से पहले के आंकड़ों को पार कर जाएगा। रिपोर्ट में कुल विज्ञापन खर्च 12 फीसदी बढ़कर ₹1.11 लाख करोड़ होने का अनुमान लगाया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक प्रिंट ऐड रेवेन्यू में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। कोविड के बाद अखबारी कागज की कीमतें भी 80,000 प्रति मीट्रिक टन से घटकर लगभग ₹50,000 प्रति मीट्रिक टन तक आ गई हैं।
‘लचीला बना हुआ है प्रिंट’Madison World के चेयरमैन सैम बलसारा कहते हैं, ‘वैश्विक स्तर पर गिरावट के बावजूद भारत में प्रिंट जोखिम से संभलने के लिए लचीला बना हुआ है। उम्मीद है कि 2024 में प्रिंट तेजी से ग्रोथ दर्ज करेगा। प्रिंट का ग्लोबल शेयर 4 फीसदी है (सभी तरह के मीडिया में ऐड पर होने वाले कुल खर्च का)। भारत की हिस्सेदारी 20 फीसदी है यानी भारत में हर तरह के मीडिया में ऐड पर होने वाले कुल खर्च का 20 फीसदी प्रिंट में होता है। यह अद्भुत है। चीन में प्रिंट शेयर जीरो के करीब है। अमेरिका और ब्रिटेन में यह 5 फीसदी से भी कम है।
