नई दिल्ली:– आजकल रिश्तों में कई ऐसे शब्द आ गए हैं जो आज की जनरेशन के गढ़े हुए हैं। जैसे सिचुएशनशिप, ब्रेडक्रंबिंग आदि। ऐसा ही एक टर्म है बैंचिंग। लेकिन इसका मतलब क्या है? कहीं आपके आप भी तो किसी के लिए बैंचिंग नहीं? ऐसा क्यों है कि आजकल के लड़के-लड़कियों में इसका इतना क्रेज बढ़ रहा है कि वो एक-दूसरे की फिलिंग का ख्याल भी नहीं रख रहे और बस अपने बारे में सोच रहे हैं?
आज हम आपको इस लेख में रिलेशनशिप के इस नए कॉन्सेप्ट के बारे में बताने वाले हैं और साथ ही ये भी बताएं कि लड़के-लड़कियों में क्यों इसका क्रेज बढ़ रहा है। इसके अलावा आप अपने रिश्ते को सही मोड़ पर कैसे ला सकते हैं।
बैंचिंग जिसका मतलब इस शब्द से ही समझा जा सकता है, किसी को बैंच पर बैठाना। लेकिन जब बात रिलेशनशिप में बैंचिंग की आती है तो इसका मतलब और भी बड़ा हो जाता है। जब एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति में दिलचस्पी रखता है, लेकिन वो उसके साथ सीरियस रिलेशनशिप में नहीं आना चाहता है। वो उन्हें “बेंच” पर बैठाकर रखते हैं, ताकि वो अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए उनका इस्तेमाल कर सकें। जैसे कि जब इमोशन स्पोर्ट या जब वो अकेले हों तो उनके साथ समय बिताना।
डेटिंग ऐप्स और सोशल मीडिया- इन प्लेटफार्मों ने लोगों के लिए पार्टनर ढूंढना आसान बना दिया है। इससे कुछ लोगों को ‘ऑप्शन्स खुले रखने’ और एक ही समय में कई लोगों को डेट करने का मौका मिला है, जिससे बैंचिंग का खतरा बढ़ जाता है।
इंसिक्योरिटी- कुछ लोग सीरियस रिलेशनशिप में आने से डरते हैं क्योंकि उन्हें डर होता है कि कहीं उनका दिल न दुख जाए। ऐसे में लोगों के साथ बैंचिंग का सहारा लेते हैं और उनकी फिलिंग का फायदा उठाते हैं।
आपका किसी के साथ बैंचिंग जैसा रिश्ता रखना सामने वाले की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकता है। खासकर अगर कोई उस रिलेशनशिप में खुद को इन्वेस्ट करता है तो।
बैंचिंग करना सामने वाला का समय बर्बाद करना है। अगर आप किसी ऐसे इंसान के साथ समय बिता रहे हैं जो आपके साथ सीरियस नहीं है, तो उनसे रिश्ता खत्म कर दें और किसी ऐसे व्यक्ति के साथ रहें जो आपसे सच्चा प्यार करे।
सबसे पहले ये जरूरी है कि आप जिसके साथ भी डेट कर रहे हैं या रिलेशनशिप में हैं, उनसे अपनी फिलिंग को शेयर करें और उनसे भी जाने कि वो आपके बारे में क्या सोचते हैं।
अगर आप सिर्फ सीरियस रिश्ता चाहते हैं तो दूसरे व्यक्ति से इस बारे में बात करें। अगर वो आपके लिए सीरियस नहीं हैं तो बेहतर हैं कि आप उनसे दूरी बना लें।
अगर सामने वाला आपकी फीलिंग की रिस्पेक्ट नहीं करता है या आपकी जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार नहीं है, तो खुद को रिश्ते से बाहर निकाल लें।
